लखनऊ/मेरठ: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में खेल संस्कृति (sports culture) को जमीनी स्तर तक मजबूत करने के लिए एक व्यापक और दूरदर्शी योजना पर काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi) के अनुसार, सरकार का लक्ष्य है कि हर ग्राम पंचायत में खेल का मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और जनपद स्तर पर आधुनिक स्टेडियम विकसित किए जाएं, ताकि प्रतिभाओं को अपने ही क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार—
विधायक खेलकूद प्रतियोगिता
ग्रामीण लीग
स्थानीय स्तर पर खेल सुविधाएं
जैसी पहलों के माध्यम से उत्तर प्रदेश में खेलों को सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि संस्कृति बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। “हमारा प्रयास है कि गांव-गांव से प्रतिभाएं निकलें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बाहर न जाना पड़े।”
मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा— “यह हमारा सौभाग्य है कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण मेरठ में हो रहा है।” यह विश्वविद्यालय खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, शिक्षा और आधुनिक खेल विज्ञान से जोड़ने का कार्य करेगा, जिससे उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना सके।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बालक-बालिकाओं में खेलों के प्रति गहरी रुचि है। “इस क्षेत्र से अनेक ओलंपियन देश का नाम रोशन कर चुके हैं। खिलाड़ियों की प्रतिभा और उत्साह को देखते हुए सरकार ने निजी खेल अकादमियों को भी आवश्यक सहयोग देने का निर्णय लिया है।” इससे निजी और सरकारी क्षेत्र मिलकर प्रदेश में खेल इकोसिस्टम को और मजबूत करेंगे।
मेरठ: क्रांति और खेल का केंद्र
मुख्यमंत्री ने मेरठ को स्वाधीनता आंदोलन की क्रांति-भूमि बताते हुए कहा—“मेरठ ने देश को आजादी की लड़ाई में नेतृत्व दिया और आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत स्पोर्ट्स आइटम को अपना उत्पाद बनाकर नई पहचान स्थापित की है।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह विज़न स्पष्ट करता है कि उत्तर प्रदेश अब खेलों को केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और राष्ट्र निर्माण का माध्यम मान रहा है। यह पहल आने वाले वर्षों में प्रदेश को खिलाड़ियों की नर्सरी और भारत के खेल मानचित्र का मजबूत केंद्र बना सकती है।


