कासगंज। पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा में इस बार प्रश्नपत्र का स्तर काफी व्यापक और विविध विषयों पर आधारित रहा। परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों के अनुसार प्रश्नपत्र में रीजनिंग, सामान्य ज्ञान, हिंदी, गणित, इतिहास और नागरिक शास्त्र जैसे कई विषयों से सवाल पूछे गए, जिससे कई अभ्यर्थियों को प्रश्न हल करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलने के बाद अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र में कुछ सवाल अपेक्षाकृत आसान थे, लेकिन कई प्रश्न ऐसे भी थे जिन्होंने उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया। खास तौर पर रीजनिंग और इतिहास से जुड़े प्रश्नों ने कई अभ्यर्थियों के लिए चुनौती खड़ी कर दी। वहीं भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं से जुड़े सवालों में भी कुछ परीक्षार्थी उलझते नजर आए।
अभ्यर्थियों के मुताबिक प्रश्नपत्र में सामान्य ज्ञान से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न शामिल थे। इनमें पुलिस विभाग के सबसे बड़े अधिकारी का नाम, भारतीय संविधान से संबंधित जानकारी, हिंदी भाषा के मुहावरे और पर्यायवाची शब्द, प्रसिद्ध लेखकों के नाम तथा वर्ष 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से पहले ब्रिटिश शासन की नीति के कारण किन भारतीय रियासतों का विलय हुआ, जैसे सवाल पूछे गए।
इसके अलावा विज्ञान और सामान्य अध्ययन से जुड़े कुछ प्रश्न भी शामिल किए गए थे। रिक्त स्थान से जुड़े प्रश्नों में मानव अंगों में निषेचन की प्रक्रिया से संबंधित जानकारी तथा भारतीय कानून के अंतर्गत किसी व्यक्ति को कब से किशोर नहीं माना जाता, जैसे प्रश्न पूछे गए। इन प्रश्नों ने कई अभ्यर्थियों को थोड़ी देर तक सोचने के लिए मजबूर कर दिया।
गणित खंड में भी परीक्षार्थियों की परीक्षा ली गई। इसमें लाभ-हानि, ब्याज दर के आधार पर दी गई राशि से मूलधन निकालने जैसे प्रश्न पूछे गए। कुछ अभ्यर्थियों का कहना था कि गणित के सवाल हल करने में समय अधिक लगा, जिससे उन्हें अन्य प्रश्नों के लिए समय का संतुलन बनाना पड़ा।
कुल मिलाकर अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रश्नपत्र का स्तर संतुलित था, लेकिन कई विषयों को शामिल किए जाने के कारण परीक्षा व्यापक हो गई थी। हालांकि अधिकांश परीक्षार्थियों ने उम्मीद जताई कि यदि कटऑफ सामान्य रही तो उन्हें अच्छे अंक मिलने की संभावना है। परीक्षा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही और केंद्रों पर प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं।


