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Monday, February 16, 2026

थमने का नाम नहीं ले रही भीषण सर्दी, गरीब-मजदूर-किसान बेहाल

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अलाव बने ठंड में गरीबों की ढाल, सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की उठी मांग

शमशाबाद (फर्रुखाबाद): क्षेत्र में भीषण सर्दी (severe cold) का सितम थमने की बजाय लगातार बढ़ता ही जा रहा है। कड़ाके की ठंड ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। गरीब, मजदूर, किसान (poor, laborers, and farmers) से लेकर आम आदमी तक इस सर्दी से बेहाल नजर आ रहा है। हालात ऐसे हैं कि पिछले कई दिनों से पड़ रही ठंड के कारण लोग त्राहि-त्राहि करते दिखाई दे रहे हैं।

आसमान में लगातार बादलों की मौजूदगी के चलते भगवान भास्कर के दर्शन कई दिनों से नहीं हो पा रहे, जिससे ठंड और अधिक जानलेवा बनती जा रही है। सर्द हवाओं और गलन ने लोगों को घरों में कैद कर दिया है।

किसान और मजदूरों की स्थिति सबसे खराब

भीषण सर्दी का असर कृषि क्षेत्र पर भी साफ दिखाई दे रहा है। खेतों में काम करने वाले किसान और मजदूरों की हालत खराब है। मेहनत-मजदूरी के जरिए परिवार का भरण-पोषण करने वाले लोगों को इस ठंड में काम नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। गांव से लेकर शहर तक मेहनत मजदूरी करने वाले गरीब वर्ग को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बच्चे और बुजुर्ग भी सर्दी से परेशान

सर्दी के इस दौर में जहां एक ओर छोटे-छोटे बच्चे बेहाल हैं, वहीं दूसरी ओर बुजुर्गों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। ठंड के डर से बुजुर्ग घरों से बाहर निकलने में असमर्थ हैं और अधिकतर समय रजाइयों के अंदर गुजारने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि सीमित समय तक आराम ठीक है, लेकिन लगातार घर में बंद रहना भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

अलाव बने गरीबों और बेजुबानों की ढाल

शहर हो या गांव, हर जगह अलाव गरीबों, मजदूरों और बेजुबानों के लिए ढाल बनते नजर आ रहे हैं। लोग गलियों, चौराहों, चौपालों और घरों के बाहर अलाव जलाकर समय गुजारते दिख रहे हैं। सर्दी से बचने का यही एकमात्र सहारा बना हुआ है।

प्रशासनिक आदेशों के बावजूद अलाव की व्यवस्था नाकाफी

भीषण सर्दी को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाए जाने के निर्देश दिए गए थे। बताया जाता है कि कुछ दिन पूर्व फैजबाग स्थित एक यात्री प्रतीक्षालय में अलाव जलता हुआ देखा गया, लेकिन उसके बाद दोबारा अलाव जलवाने की जहमत नहीं उठाई गई। फैजबाग चौराहा इसका जीता-जागता उदाहरण है, जहां स्थानीय लोग और व्यापारी निजी स्तर पर अलाव जलाकर सर्दी से राहत पाने को मजबूर हैं।

किसान नेता ने उप जिलाधिकारी से की मांग

लगातार पड़ रही भीषण सर्दी को देखते हुए आमजन अब समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों की ओर आशा भरी नजरों से देख रहा है। इसी क्रम में भारतीय किसान मजदूर यूनियन (अराजनैतिक) गुट के प्रदेश अध्यक्ष राम बहादुर राजपूत ने मंगलवार को उप जिलाधिकारी कायमगंज से मुलाकात कर सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाए जाने की मांग की।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि “अलाव गरीबों की ढाल है” और इसके माध्यम से आम जनमानस सर्दी से राहत पा सकता है। उन्होंने मांग की कि शहर से लेकर गांव-गांव तक सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की जाए, ताकि कोई भी गरीब, मजदूर, किसान या बेजुबान सर्दी के सितम का शिकार न हो।

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