मुंबई: Star Plus, जो मुख्यतः सास-बहू आधारित ड्रामों के लिए जाना जाता था, ने साल 2003 में एक अनोखा कदम उठाते हुए साइंस-फिक्शन सिटकॉम को प्रीमियर किया था। यह शो बच्चों के बीच इतनी तेजी से लोकप्रिय हुआ कि इसे उस दौर के सबसे सफल फैमिली एंटरटेनमेंट शोज़ में गिना जाने लगा। दिलचस्प बात यह है कि यह भारतीय शो एक अमेरिकी सिटकॉम (American sitcom) के हिंदी रीमेक के रूप में बनाया गया था, जिसका मूल संस्करण 1985 में प्रसारित हुआ था।
लोगों ने जब इस शो का नाम जानना चाहा, तो जवाब था—‘करिश्मा का करिश्मा’। यह शो 2003 से 2004 के बीच स्टार प्लस पर ऑन-एयर हुआ और अपने अनोखे कॉन्सेप्ट की वजह से खूब सराहा गया। बच्चों के साथ-साथ बड़े दर्शकों ने भी इसे पूरे परिवार के लिए मनोरंजन का ताज़ा विकल्प माना।
यह भारतीय सिटकॉम दरअसल अमेरिका के मशहूर साइंस-फिक्शन शो ‘स्मॉल वंडर’ का रीमेक था, जो 1985 से 1989 के बीच प्रसारित हुआ था। भारत में करिश्मा का करिश्मा के कुल 65 एपिसोड बनाए गए। शो का पहला एपिसोड 24 जनवरी 2003 को प्रसारित हुआ था, जबकि इसका अंतिम एपिसोड 16 अप्रैल 2004 को टेलीविजन पर आया।
आईएमडीबी रेटिंग्स की बात करें तो भारतीय शो करिश्मा का करिश्मा को 7.1 की रेटिंग मिली है, जबकि इसके अमेरिकी मूल संस्करण स्मॉल वंडर की रेटिंग 7 है। यह दर्शाता है कि भारतीय दर्शकों ने इस शो को कितनी गर्मजोशी से अपनाया। शो में झनक शुक्ला, संजीव सेठ, ईवा ग्रोवर और टिस्का चोपड़ा जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आए।
कहानी के प्लॉट की बात करें तो यह एक साइंटिस्ट विक्रम के जीवन के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक इंसान जैसी दिखने वाली और उसी तरह व्यवहार करने वाली रोबॉट बच्ची बनाता है। इस रोबॉट का नाम होता है करिश्मा। विक्रम की असली बेटी करिश्मा को अपने परिवार का हिस्सा मान लेती है और दोनों के बीच एक खूबसूरत रिश्ता बन जाता है। करिश्मा की भूमिका बाल कलाकार झनक शुक्ला ने निभाई थी और उनके अभिनय ने दर्शकों का दिल जीत लिया था। साइंस-फिक्शन, कॉमेडी और फैमिली इमोशंस का यह मेल करिश्मा का करिश्मा को आज भी लोगों की यादों में जीवित रखता है।


