हरदोई: परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के लिए लगाए जाने वाले झूलों की गुणवत्ता जांच एक बार फिर असफल साबित हुई है। मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर गठित समिति ने जांच के दौरान झूलों के सैंपल को निर्धारित मानकों पर खरा न उतरने के कारण दोबारा अस्वीकार कर दिया है। इस फैसले के बाद संबंधित कार्यदाई संस्था को मानकों के अनुरूप सामग्री तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
जनपद के 700 से अधिक परिषदीय विद्यालयों में पहले चरण में झूले लगाए जाने की योजना है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, जिसमें एक संस्था ने लगभग 20 प्रतिशत कम दर पर कार्य हासिल किया था। हालांकि, कम लागत में कार्य लेने के बाद गुणवत्ता में कमी सामने आने से पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जांच के दौरान यह पाया गया कि झूलों में इस्तेमाल की गई सामग्री की मोटाई निर्धारित मानक 2.1 एमएम से कम है, जो बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है। इस कमी को देखते हुए समिति ने बिना किसी समझौते के सैंपल को खारिज कर दिया।
तीन सदस्यीय जांच समिति में रवि प्रकाश सिंह (उपायुक्त श्रम एवं रोजगार), प्रदीप कुमार पाल (ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के एक्सीएन) और आलोक सिंह (पीडब्ल्यूडी के एई) शामिल रहे। सभी सदस्यों ने एकमत होकर सैंपल को मानकों के अनुरूप न मानते हुए अस्वीकार किया।
समिति ने कार्यदाई संस्था को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वह गुणवत्ता मानकों के अनुरूप झूले तैयार करे, ताकि विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता न हो। अधिकारियों का कहना है कि अगली जांच में भी मानक पूरे न होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


