शमशाबाद: क्षेत्र सहित पूरे जनपद फर्रुखाबाद (Farrukhabad) में पिछले चार–पांच दिनों से भीषण सर्दी और शीतलहर का प्रकोप लगातार जारी है। ठंडी हवाओं और गिरते तापमान ने आम जनमानस का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। अमीर ही नहीं बल्कि गरीब, मजदूर, किसान सभी इस भीषण सर्दी (harsh winter) से बेहाल नजर आ रहे हैं। ऐसे हालात में प्रशासनिक स्तर पर सार्वजनिक स्थानों पर जलाए जाने वाले अलाव गरीबों के लिए राहत का सबसे बड़ा सहारा होते हैं, लेकिन शमशाबाद क्षेत्र में अभी तक अलाव न जलवाए जाने से लोगों में भारी नाराजगी और मायूसी देखी जा रही है।
गरीबों की ढाल माने जाने वाले अलाव के अभाव में मजबूर लोग सर्दी से बचने के लिए सड़क किनारे खड़े हरे-भरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाने को विवश हैं। रात के अंधेरे में कई स्थानों पर पेड़ों को काटते हुए लोग देखे जा रहे हैं, जो पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा बनता जा रहा है। प्रशासनिक उदासीनता के चलते गरीबों को सर्दी से बचाव के लिए गलत रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
भीषण सर्दी का असर खेती-किसानी पर भी साफ दिखाई दे रहा है। इन दिनों खेतों में आलू की फसल तैयार अवस्था में है, वहीं गेहूं की बुवाई जोरों पर चल रही है। इसके साथ ही ईख एवं अन्य फसलों को सिंचाई की आवश्यकता है, लेकिन कड़ाके की ठंड और शीतलहर के कारण किसान न तो सिंचाई कर पा रहे हैं और न ही खेतों में नियमित कार्य कर पा रहे हैं। सर्दी ने किसानों की मेहनत पर भी भारी असर डाला है।
दूसरी ओर मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालने वाले मजदूरों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। सर्दी के मौसम में मजदूरी के अवसर पहले ही कम हो जाते हैं, ऐसे में लगातार पड़ रही ठंड ने मजदूरों की कमर तोड़ दी है। जब मजदूरी नहीं मिलती तो घर का चूल्हा जलाना मुश्किल हो जाता है। बाजारों में मजदूरी की तलाश में भटकते मजदूर निराश लौटते नजर आ रहे हैं, जिससे उनके घरों की व्यवस्थाएं पूरी तरह तितर-बितर हो गई हैं।
सर्दी के मौसम में नगर क्षेत्र और फुटपाथों पर गर्म कपड़ों की दुकानों पर भीड़ जरूर देखी जा रही है, लेकिन यह भीड़ केवल देखने भर की है। गरीब तबका गर्म कपड़े खरीदने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है, क्योंकि आय का जरिया ठप पड़ा है। उनके लिए दो वक्त की रोटी जुटा पाना ही सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। इन्हीं हालातों को देखते हुए भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक गुट) के प्रदेश अध्यक्ष राम बहादुर राजपूत ने जिलाधिकारी फर्रुखाबाद से सार्वजनिक स्थलों पर अविलंब अलाव जलवाए जाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि चौराहों, बस स्टॉप, बाजारों, रेलवे व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सुबह से शाम तक लोगों का आवागमन बना रहता है। ऐसे में अलाव न होने से आम लोग, मजदूर, किसान ही नहीं बल्कि बेजुबान जानवर भी सर्दी से जूझ रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने जिलाधिकारी से अपील की कि बढ़ती सर्दी और शीतलहर को देखते हुए तुरंत सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था कराई जाए, ताकि गरीब तबके को राहत मिल सके और पर्यावरण को भी नुकसान न पहुंचे। उनका कहना है कि अलाव गरीबों के लिए सिर्फ आग नहीं, बल्कि सर्दी से बचाव की सबसे बड़ी ढाल है।


