कासगंज/सिढ़पुरा। स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर पंचायत क्षेत्र में कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लाखों रुपये की लागत से बनाया गया मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर बीते एक वर्ष से बंद पड़ा है। सेंटर के निष्क्रिय होने के कारण कस्बे से निकलने वाला कूड़ा खुले में सड़कों किनारे फेंका जा रहा है, जिससे गंदगी के ढेर लग गए हैं और आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है।
नगर पंचायत क्षेत्र की आबादी करीब 15 हजार से अधिक है और यहां प्रतिदिन बड़ी मात्रा में घरेलू कचरा निकलता है। इसके निस्तारण के लिए धुमरी मार्ग पर गांव निबऊआ के पास एमआरएफ सेंटर का निर्माण कराया गया था, ताकि कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन हो सके। लेकिन सेंटर के संचालन में लापरवाही के चलते यह पूरी तरह बंद पड़ा है और योजना का उद्देश्य अधूरा रह गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत कर्मी घर-घर से कूड़ा एकत्र करने के बाद उसे निर्धारित स्थान पर ले जाने के बजाय गंजडुंडवारा, पटियाली और करतला मार्ग के किनारे ही फेंक देते हैं। इससे इन प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं, जो धीरे-धीरे सड़कर दुर्गंध फैला रहे हैं।
कूड़े के ढेर से उठने वाली बदबू के कारण राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा खुले में पड़े कचरे से मच्छरों और अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना हुआ है। एक ओर प्रशासन संचारी रोगों की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की लापरवाही उन प्रयासों को कमजोर कर रही है।
लोहिया नगर निवासी संजीव गुप्ता का कहना है कि नगर पंचायत कर्मियों की लापरवाही के कारण सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगे हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने मांग की कि एमआरएफ सेंटर को जल्द शुरू कर कचरे का सही निस्तारण किया जाए। वहीं इंद्रपुरी निवासी सौरभ ने बताया कि एक साल पहले बने सेंटर का संचालन ठप पड़ा है और गंदगी के कारण वातावरण दूषित हो रहा है।
इस संबंध में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अवनीश गंगवार ने कहा कि एमआरएफ सेंटर के संचालन में आ रही समस्या की जानकारी की जाएगी और जल्द ही इसे चालू कराने के प्रयास किए जाएंगे।
फिलहाल नगर पंचायत की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो यह स्थिति और गंभीर रूप ले सकती है।


