औरैया
बेला थाना क्षेत्र में तिर्वा मार्ग स्थित गांव फतेहपुर मोड़ के पास आयोजित भागवत कथा के समापन के उपलक्ष्य में भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करने पहुंचे। इसी भीड़भाड़ के बीच एक युवक की मोटरसाइकिल गायब होने से हड़कंप मच गया, लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते मामला महज ‘गलती से अदला-बदली’ का निकला और बाइक एक घंटे के भीतर बरामद कर ली गई।
जानकारी के अनुसार, गांव सिमरापुरवा निवासी कपिल पुत्र देवेंद्र सिंह अपनी मोटरसाइकिल से भंडारे में शामिल होने पहुंचे थे। उन्होंने अपनी बाइक कार्यक्रम स्थल के पास खड़ी कर दी और प्रसाद ग्रहण करने चले गए। शाम करीब सात बजे जब वह वापस लौटे तो अपनी मोटरसाइकिल को मौके पर न पाकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने आसपास काफी तलाश की, लेकिन बाइक का कोई सुराग नहीं मिला।
घटना से चिंतित कपिल ने पास ही स्थित एक किराना दुकान के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें एक व्यक्ति उनकी मोटरसाइकिल ले जाता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद उन्होंने रात करीब नौ बजे थाना बेला में पहुंचकर पुलिस को शिकायती पत्र दिया। सूचना मिलते ही कस्बा इंचार्ज बृजभूषण तिवारी पुलिस टीम के साथ तत्काल हरकत में आए और मोटरसाइकिल की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस की सक्रियता का परिणाम यह रहा कि करीब एक घंटे के भीतर ही मोटरसाइकिल बेला से लगभग पांच किलोमीटर दूर गांव भदौरा निवासी एक किसान के पास बरामद कर ली गई। पूछताछ में किसान ने बताया कि उसकी भी मोटरसाइकिल बिल्कुल उसी मॉडल और रंग की है, जिससे भ्रमवश वह कपिल की बाइक अपने साथ ले गया था। वहीं उसकी अपनी मोटरसाइकिल भंडारा स्थल पर ही खड़ी पाई गई।
मोटरसाइकिल सुरक्षित वापस मिलने पर कपिल ने पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। थाना प्रभारी गंगादास गौतम ने बताया कि यह मामला चोरी का नहीं बल्कि गलती से मोटरसाइकिल बदल जाने का था, जिसे तुरंत सुलझा लिया गया। पुलिस की मुस्तैदी से एक संभावित चोरी की घटना टल गई और लोगों ने राहत की सांस ली।


