शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत भाटा देवरा में लाखों रुपये की लागत से बना बारात घर बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार द्वारा गरीब परिवारों और ग्रामीणों की सुविधाओं के लिए बनाए गए इस भवन पर कई वर्षों से ताला लटका हुआ है, जिसके कारण इसका उपयोग नहीं हो पा रहा है और इमारत धीरे-धीरे जर्जर होती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारात घर की देखरेख और मरम्मत के लिए ग्राम प्रधान कन्या देवी के पुत्र और ग्राम विकास अधिकारी अरुण निगम की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया। आरोप है कि भवन की डेंटिंग-पेंटिंग और बाउंड्री के लिए भी धनराशि खर्च नहीं की गई, जबकि पंचायत में विकास कार्यों के लिए हर वर्ष धन आता रहा है। इसके चलते शादी-विवाह जैसे सामाजिक कार्यक्रमों में ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
मामले की जानकारी मिलने पर यूथ इंडिया के तहसील संवाददाता मौके पर पहुंचे और बारात घर की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद विकासखंड जलालाबाद के खंड विकास अधिकारी विकास किशोर को स्थिति से अवगत कराया गया। हालांकि बीडीओ ने बताया कि यह मामला जिला स्तर का है और इस पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अपराचिता सिंह तथा अन्य जिला स्तरीय अधिकारी ही संज्ञान लेंगे।
इसके बाद संवाददाता द्वारा शाहजहांपुर के जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह और जलालाबाद के उपजिलाधिकारी प्रभात राय को भी ग्राम पंचायत भाटा देवरा के बारात घर की स्थिति की जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भवन की जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और बारात घर को जल्द मरम्मत कराकर आम लोगों के उपयोग के लिए खोला जाए।


