– गंगा स्वच्छता जागरण के साथ धार्मिक अनुष्ठानों की भव्य श्रृंखला, संतों की उपस्थिति और सैकड़ों भक्तों ने लिया पुण्य लाभ
फर्रुखाबाद: गंगा तट पंचाल घाट (Panchal Ghat) पर आध्यात्मिक वातावरण और भक्ति की गूंज के बीच एकादश वार्षिकोत्सव एवं 604वां श्री पार्थिवेश्वरनाथ रुद्राभिषेक श्रद्धा और भव्यता के साथ सम्पन्न हुआ। श्री गंगा मइया स्वच्छता एवं दीपदान आयोजन समिति द्वारा आयोजित इस धार्मिक महोत्सव में गंगा स्वच्छता जागरण को केंद्रीय विषय बनाकर भक्तों और समाज को प्रेरित किया गया।
समिति के संस्थापक अध्यक्ष सत्यव्रत पाण्डेय के नेतृत्व में दो दिवसीय कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठानों की पवित्र श्रंखला आयोजित हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बड़े गुरुजी महाराज श्री ओंकारदास ब्रह्मचारी जी, संरक्षक महंत श्री ईश्वरदास महाराज (श्री दुर्वासा ऋषि आश्रम) तथा कार्यक्रम अध्यक्ष महंत श्री सत्यदेव पाण्डेय जी (श्री परशुराम जन्मस्थली) रहे।
सभी संतों ने गंगा स्वच्छता आंदोलन में जन-जागरण का संदेश दिया और कहा कि गंगा केवल नदी नहीं – हमारी आस्था, संस्कृति और जीवनधारा है। द्वितीय दिवस में आचार्य ओंकारनाथ मिश्रा के वेदघोष और वैदिक विधि-विधान के साथ 604वां श्री पार्थिवेश्वरनाथ रुद्राभिषेक सम्पन्न हुआ।
अभिषेक के दौरान
गंगाजल,
पंचामृत,
दूध,
दही,
घी,
शहद,
शक्कर,
इक्षुरस,
औषधियों के रस से भगवान शिव का पूजन किया गया। सत्यव्रत पाण्डेय ने अपनी धर्मपत्नी सहित सपत्नीक अभिषेक कर विश्व कल्याण की कामना की। साथ ही आनंददास जी मौनी महाराज और दिवाकरानंद जी ने भी मंगलकामना की आह्वान के साथ दर्शन देकर कार्यक्रम को पवित्रता प्रदान की। रुद्राभिषेक के उपरांत विशाल संत भोज एवं भंडारा आयोजित हुआ, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
सांयकालीन कार्यक्रम में बड़े गुरुजी ओंकारदास ब्रह्मचारी द्वारा
श्री राम राज्य अभिषेक का दिव्य आयोजन किया गया।
राम तिलक के दृश्य पर पूरा परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
रात्रि में भक्तों ने गंगा तट पर दीपदान कर दीपोत्सव मनाया।
सैकड़ों दीपों से सजा पंचाल घाट एक अलौकिक दृश्य प्रस्तुत कर रहा था।
कार्यक्रम का समापन भगवान श्री राम एवं श्री पार्थिवेश्वरनाथ भोलेनाथ की महा आरती के साथ हुआ।
भजन संध्या में
श्री नवीन मिश्रा “नब्बू”,
आशुतोष मिश्रा,
राघवदत्त मिश्रा,
देवेंद्र दुबे “अनु”
ने मनोहारी भजनों से उपस्थित भक्तों को मंत्रमुग्ध किया।
इस अवसर पर
श्री रामसेवक बाजपेयी,
सुनीत दीक्षित,
दिनेश शुक्ला,
रोहित पाण्डेय,
रोहित अग्निहोत्री,
द्वारा रामचरित मानस का वाचन किया गया, जिसकी गूंज से पूरा घाट दिव्य वातावरण में डूब गया। फर्रुखाबाद के साथ-साथ कानपुर, कन्नौज, मैनपुरी, हरदोई, शाहजहांपुर सहित कई जिलों से सैकड़ों भक्तों ने पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया और पुण्य लाभ अर्जित किया।
कार्यक्रम में
प्रभात अवस्थी, प्रभात मिश्रा, अवधेश पाण्डेय, महेंद्र अवस्थी “छोटे”,
तरुण पाण्डेय, अमन कटियार, धनंजय अग्निहोत्री, रघुवंश मिश्रा,
विजय अग्निहोत्री, सौरभ तिवारी, उमाशंकर गुप्ता,
बबिता पाठक, चित्रा अग्निहोत्री, मीरा सिंह, अलोक मिश्रा “रामू”,
शरद बाजपेई, अनुराग वर्मा, सुबोध गुप्ता “पिंटू”,
देवनारायण मिश्रा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की व्यवस्था में
गोपाल कृष्ण मिश्रा, प्रियव्रत पाण्डेय, संदीप पाण्डेय “गोलू”, अनमोल अग्निहोत्री तथा अलोक शुक्ला सक्रिय रहे।


