लखनऊ: प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) (शहरी) 2.0 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में 2 लाख 9 हजार 421 लाभार्थियों के खातों में पहली किस्त की धनराशि अंतरित कर दी गई। राजधानी स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने इसे गरीब, मध्यम वर्ग और शहरी जरूरतमंद परिवारों के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि प्रत्येक नगर निकाय में नोडल अधिकारी की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी लाभार्थी के साथ किसी स्तर पर कोई गड़बड़ी न हो। निर्माण सामग्री समय पर और उचित दरों पर उपलब्ध कराई जाए तथा सभी किस्तें समयबद्ध रूप से जारी हों। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि आज कुल 2094 करोड़ 21 लाख रुपये की धनराशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी गई है। प्रथम किस्त के रूप में प्रत्येक लाभार्थी को एक लाख रुपये प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने बताया कि 75 प्रतिशत निर्माण पूर्ण होने पर दूसरी किस्त एक लाख रुपये तथा अंतिम किस्त 50 हजार रुपये दी जाएगी। इस प्रकार प्रत्येक परिवार को कुल ढाई लाख रुपये की सहायता मिलेगी।
स्वच्छता, सुरक्षा और सुशासन से यूपी को मिली नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ने देश और प्रदेश में स्वच्छता की क्रांति ला दी है। उन्होंने कहा— “सरकार ने माफिया को दूर किया और आपने गंदगी को, इससे उत्तर प्रदेश आगे बढ़ा।” उन्होंने इसे सुशासन और पारदर्शी व्यवस्था का परिणाम बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर प्रयागराज में अब तक चार करोड़ से अधिक श्रद्धालु मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती की त्रिवेणी में स्नान कर चुके होंगे। अयोध्या, काशी और गढ़मुक्तेश्वर जैसे तीर्थों पर भी करोड़ों श्रद्धालुओं ने स्नान किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे शुभ अवसर पर आवास योजना की पहली किस्त मिलना लाभार्थियों के लिए विशेष सौगात है। मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद पत्र लिखने का आह्वान किया।
आजादी के बाद पहली बार 62 लाख परिवारों को मिला पक्का घर
मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते पौने नौ वर्षों में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 60 लाख से अधिक परिवारों को आवास मिला था और अब दो लाख से अधिक नए लाभार्थियों के जुड़ने से यह संख्या 62 लाख तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और नेतृत्व का परिणाम है। वर्ष 2017 से 2025 के बीच 17 लाख 66 हजार शहरी परिवारों को आवास उपलब्ध कराया गया और अब यह संख्या बढ़कर 19 लाख 75 हजार हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आवास केवल छत नहीं, बल्कि स्वावलंबन की नींव है। आवास के साथ शौचालय, बिजली कनेक्शन, उज्ज्वला गैस और आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। अयोध्या और सोनभद्र के उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि आवास मिलने के बाद अनेक परिवारों ने ई-रिक्शा, डेयरी जैसे कार्य शुरू कर आत्मनिर्भरता हासिल की है।
मुख्यमंत्री ने कहा— “हम बचपन से सुनते आए हैं—रोटी, कपड़ा और मकान। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर गरीब के लिए ये तीनों सुविधाएं सुनिश्चित कर दी हैं। रोटी के लिए राशन कार्ड, कपड़े के लिए रोजगार और मकान के लिए पीएम आवास योजना।” कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इस अवसर पर नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा, राज्य मंत्री राकेश कुमार राठौर, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सदस्य बृजलाल, संजय सेठ, विधायक डॉ. नीरज बोरा, योगेश शुक्ला, विधान परिषद सदस्य इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और लाभार्थी उपस्थित रहे।


