अर्चित शर्मा
फिरोजाबाद। विश्व गौरैया दिवस – 2026 के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जन जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें, प्राधिकरण सचिव सुश्री योगेश शिवा ने अधिवक्ता व समाज सेवियों के साथ रेड टेप मूवमेंट व पौधरोपण करते हुए बड़े ही धूमधाम व हर्षोल्लास से विश्व गौरैया दिवस – 2026 मनाया और “एक पेड़ प्रकृति के नाम” से रोपित करते हुए गौरैया संरक्षण के साथ साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने, पर्यावरण संरक्षण व स्वच्छता के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाने वाले समाजसेवियों का भी उत्साह वर्धन किया।
प्राधिकरण सचिव सुश्री योगेश शिवा ने बताया कि, यह बिहार का राजकीय पक्षी है और वर्ष 2012 में दिल्ली सरकार ने भी इसे राज्य-पक्षी घोषित किया है। जो, जलवायु परिवर्तन, कीटनाशकों का अत्याधिक प्रयोग आदि कारणों के चलते विलुप्ति के कगार पर है। जिसकी तेजी से घटती हुई संख्या को देखते हुए शहरी वातावरण में रहने वाले गौरैया व अन्य पक्षियों के संरक्षण हेतु जागरुकता लाने के उद्देश्य से वर्ष 2010 से प्रतिवर्ष 20 मार्च को ‘विश्व गौरैया दिवस’ मनाया जाता है।
उन्होंने बताया कि, माह फरवरी से जून के मध्य में गौरेया के बच्चों का जन्म होता है और उस समय पैदा होने वाले गौरेया के नन्हे-मुन्ने बच्चे भारी दाना नहीं पचा पाते हैं। इसलिए, इनके संरक्षण व बच्चों के बेहतर पोषण के लिए नियमित तौर से थोड़ा सा उबला चावल, दाना और मिट्टी के बर्तन में स्वच्छ पानी भरकर अपने घर की मुंडेर के ऊपर या छत के सुरक्षित स्थान पर रख दें। जिससे बंदर या बिल्लियां घात लगाकर नन्हीं चिड़िया पर हमला ना कर सकें और अपने घरों में छत या छज्जों पर कृत्रिम घोंसले लगाकर गौरैया के अलावा रोबिन, पाई, मैना, तोते, गिलहरियों को भी संरक्षित किया जा सकता है।
महिला कल्याण विभाग से संरक्षण अधिकारी अपर्णा कुलश्रेष्ठ ने कहा कि, गौरैया से हमें समयबद्ध जीवन यापन करने, संघर्षों से लड़ने एवं अनुशासन का जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। अगर हम छोटी-छोटी पहल करें, तो यह नन्ही चिड़िया फिर से हमारे आंगन में चहक सकती है। गौरेया हमारी लोक संस्कृति में भी रची-बसी है। इसे बचाना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से एडवोकेट आदित्य एवं वरिष्ठ समाज सेविका/ शिक्षिका सीमा रानी निमेष सहित जन आधार कल्याण समिति सचिव/ पीएलवी प्रवीन कुमार शर्मा, उमेश यादव, गोविंद वर्मा, सर्वेश कुमार, मोहन लाल, उदयवीर व अन्य अधिवक्ता और गणमान्य नागरिकों ने प्रतिभाग किया।


