कौशांबी
जनपद के चरवा थाना क्षेत्र के रामपुर गांव में शनिवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक मजदूर परिवार की दो बेटियों की एक ही दिन में मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए दोनों बच्चियों का अंतिम संस्कार कर दिया, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
जानकारी के अनुसार, रामपुर गांव निवासी ननका अपनी पत्नी गुड्डी देवी और बच्चों के साथ चायल कस्बे के एक ईंट भट्टे पर मजदूरी करते हैं। शुक्रवार दोपहर उनकी 10 वर्षीय बेटी अंजली को अचानक बुखार और पेट दर्द की शिकायत हुई। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे मनौरी के एक निजी अस्पताल में लेकर गए, जहां उसका इलाज शुरू किया गया।
इसी बीच शनिवार तड़के करीब चार वर्षीय छोटी बेटी संजली की घर पर ही संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस अचानक हुई मौत से परिवार सदमे में आ गया और उन्होंने जल्दबाजी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया। परिवार अभी इस दुख से उबर भी नहीं पाया था कि कुछ ही समय बाद अस्पताल में भर्ती अंजली की भी मौत हो गई, जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
अंजली की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बच्ची की हालत गंभीर होने के बावजूद उसे उचित इलाज नहीं मिला। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने बाद में उसे एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
वहीं नर्सिंग होम के डॉक्टर अतर सिंह का कहना है कि अंजली के फेफड़ों में संक्रमण था और उसका ऑक्सीजन स्तर काफी कम था। उन्होंने परिजनों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी, लेकिन परिजन सहमत नहीं हुए। चायल के एमओआईसी डॉ. संजय सिंह ने मामले की जानकारी मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


