हरदोई
पिहानी कोतवाली क्षेत्र में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां सड़क दुर्घटना में घायल होकर मौत का शिकार हुए किशोर का शव 11 दिन बाद कब्र से बाहर निकाला गया। परिजनों की मांग और जिलाधिकारी के आदेश पर पुलिस व राजस्व टीम की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई।
यह घटना 27 मार्च की है, जब बददापुर गांव निवासी अजीत सिंह अपने बेटे उज्ज्वल सिंह के साथ बाइक से जा रहे थे। जहानीखेड़ा रोड पर बड़े तालाब और माइनर के बीच एक ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
घटना के बाद उज्ज्वल की हालत नाजुक होने पर उसे पहले जिला अस्पताल और फिर बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया। इलाज के दौरान 28 मार्च को उसकी मौत हो गई। उस समय परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को दफना दिया था।
दुर्घटना के संबंध में रमेश सिंह की ओर से सआदतनगर निवासी ट्रैक्टर चालक भागीरथ के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मुकदमा दर्ज कराया गया था। हालांकि बाद में मामले की सच्चाई स्पष्ट करने और न्याय की मांग को लेकर परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग उठाई।
जिलाधिकारी के निर्देश पर मंगलवार को नायब तहसीलदार एजाज अहमद और पुलिस टीम की मौजूदगी में कब्र खोदकर शव बाहर निकाला गया। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिससे दुर्घटना के कारणों और जिम्मेदारों की स्पष्ट जानकारी मिल सके।


