– त्रिस्तरीय मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट को दरकिनार कर नई जांच से मान्यता बचाने का आरोप
– जिलाधिकारी से कड़ी कार्रवाई की मांग
फर्रुखाबाद: जिले के चर्चित एसकेएम इंटर कॉलेज (SKM Inter College), चांदपुर नवाबगंज और कृष्णा पब्लिक स्कूल (Krishna Public School) की मान्यता में भारी अनियमितताओं, फर्जी दस्तावेजों और अवैध निर्माण के गंभीर आरोप एक बार फिर सुर्खियों में हैं। जिलाधिकारी को दिए गए विस्तृत प्रत्यावेदन में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कॉलेज प्रबंधन ने वर्षों से फर्जीवाड़ा कर न केवल मान्यता प्राप्त की, बल्कि न्यायालय और शासन को भी भ्रमित किया।
शिकायतकर्ता द्वारा 2019 में की गई शिकायत पर जिलाधिकारी के आदेश पर उप जिलाधिकारी कायमगंज, जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) की संयुक्त त्रिस्तरीय जांच कराई गई थी।
दिनांक 11 नवंबर 2020 को सौंपी गई इस रिपोर्ट में पाया गया— एसकेएम इंटर कॉलेज और कृष्णा पब्लिक स्कूल एक ही भूमि व भवन पर संचालित दिखाए गए। प्रबंधक अवधेश कुमार मिश्रा ने प्राइमरी स्कूल की मान्यता हेतु फर्जी 15 वर्ष का किरायानामा, अनरजिस्टर्ड नोटरी शपथ पत्र के आधार पर भवन बने बिना ही मान्यता ले ली। विद्यालय की प्रबंधकारिणी में कोषाध्यक्ष रीता मिश्रा/रीता पाठक को ही प्रधानाचार्य दिखाकर फर्जी नियुक्ति की गई। विद्यालय का निर्माण गाटा संख्या 194 व 195 पर अवैध रूप से पाया गया।
जांच में तथ्यों की पुष्टि होने के बाद जिलाधिकारी ने मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई हेतु पूरा प्रकरण शासन व माध्यमिक शिक्षा परिषद को भेज दिया था।
एसकेएम प्रबंधन द्वारा दायर याचिका पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने 17 जनवरी 2022 को फैसला सुनाते हुए—जिलाधिकारी द्वारा कराई गई त्रिस्तरीय जांच को वैध व संवैधानिक माना,प्रबंधक को नोटिस का जवाब देने का अंतिम अवसर दिया, और शिक्षा निदेशक को 12 सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया।
परंतु बाद में शिक्षा विभाग ने विरोधाभासी जांच से बदल दिया परिणाम। शिकायत में गंभीर आरोप लगाया गया है कि,प्रबंधक की सांठगांठ से 20.11.2023 को नई जांच कराई गई, पूर्व मजिस्ट्रेट जांच को नजरअंदाज कर गलत तथ्यों पर आधारित रिपोर्ट बनाई गई, और एसकेएम इंटर कॉलेज व कृष्णा पब्लिक स्कूल को अलग-अलग गाटा पर बताकर फर्जी मान्यता को वैध साबित करने का प्रयास किया गया,जबकि गाटा संख्या 196/2 पर वर्तमान में कृष्णा महिला डिग्री कॉलेज संचालित है, न कि कृष्णा पब्लिक स्कूल।
इस गलत रिपोर्ट के आधार पर मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई समाप्त करा दी गई। DIOS नरेंद्र पाल सिंह, कुछ कार्यालय कर्मियों और शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों ने प्रबंधक से मिलकर जांच को प्रभावित किया। जिलाधिकारी द्वारा दिए गए आदेशों के बावजूद प्रबंधक व प्रधानाचार्य पर FIR दर्ज नहीं की गई, जबकि मजिस्ट्रेट जांच ने इसे आवश्यक बताया था।
पूर्व DIOS डॉ. आदर्श त्रिपाठी द्वारा एसकेएम इंटर कॉलेज को परीक्षा केंद्र से आजीवन डिबार किया जा चुका है। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से मांग की है कि—पूर्व मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रबंधक व प्रधानाचार्य के विरुद्ध FIR दर्ज कराई जाए,फर्जी तरीके से संचालित एसकेएम इंटर कॉलेज व कृष्णा पब्लिक स्कूल की मान्यता समाप्त की जाए, फर्जीवाड़े में शामिल शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर भी कठोर विभागीय व दंडात्मक कार्यवाही की जाए।


