गोरखपुर से मठ से लेकर वागेश्वर धाम और युग के महाकवि कुमार विश्वास समेत देश की जानी मानी हस्तियां हुईं दीवानी
यूथ इंडिया समाचार
कानपुर, फर्रूखाबाद। सांसद रमेश अवस्थी का राजनीतिक सफर और उनके परिवार की उपलब्धियाँ आज देशभर में चर्चा का विषय हैं। चंद वर्षों के भीतर जिस तेजी से अवस्थी परिवार ने राजनीति, मीडिया और कानून के क्षेत्र में अपनी सशक्त पहचान बनाई है, वह अपने आप में एक मिसाल बनता जा रहा है।
वरिष्ठ पत्रकारिता से सक्रिय राजनीति में आए रमेश अवस्थी ने कम समय में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।
लोकसभा सांसद के रूप में संसद में सक्रिय भूमिका केंद्र सरकार, संगठन और राज्यों के बीच मजबूत संवाद
राष्ट्रपति भवन से लेकर संसद भवन तक प्रभावी उपस्थिति राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, हाल के वर्षों में जिन सांसदों ने कम अवधि में व्यापक स्वीकार्यता हासिल की है, उनमें रमेश अवस्थी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है।
रमेश अवस्थी के सुपुत्र सचिन अवस्थी ने मीडिया के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। नेशनल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुडक़र सक्रिय भूमिका पत्रकारिता, संगठन और संवाद के माध्यम से युवाओं में लोकप्रियता हासिल की। मीडिया के जरिए सामाजिक और सार्वजनिक मुद्दों को मंच डिजिटल मीडिया के दौर में जहां लाखों युवा इस क्षेत्र में प्रयासरत हैं, वहीं सचिन अवस्थी का नाम तेजी से उभरते चेहरों में गिना जाने लगा है।
परिवार के छोटे सुपुत्र शिवम अवस्थी ने कानून के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में प्रैक्टिस देश के नामी अधिवक्ताओं के साथ कार्य अनुभव संवैधानिक, सिविल और आपराधिक मामलों में सक्रिय भागीदारी कानूनी क्षेत्र में जहां पहचान बनाने में वर्षों लग जाते हैं, वहां शिवम अवस्थी का कम समय में स्थापित होना उनकी प्रतिभा और मेहनत को दर्शाता है। आंकड़ों की नजर से उपलब्धि राजनीति, मीडिया और कानून—3 प्रमुख राष्ट्रीय क्षेत्र एक ही परिवार के 3 सदस्य तीन अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय संसद, मीडिया प्लेटफॉर्म और सुप्रीम कोर्ट—देश की शीर्ष संस्थाओं में सीधी भागीदारी यह संयोजन बहुत कम परिवारों में देखने को मिलता है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि अवस्थी परिवार की सफलता का मूल मंत्र मेहनत, संस्कार, संवाद और संतुलन रहा है। न दिखावा, न आडंबर—बल्कि अपने-अपने क्षेत्र में निरंतर कर्म।चंद वर्षों में रमेश अवस्थी परिवार ने यह साबित कर दिया है कि यदि दृष्टि स्पष्ट हो और कर्म ईमानदार, तो सफलता सीमित नहीं रहती। राजनीति में नेतृत्व, मीडिया में प्रभाव और न्यायपालिका में प्रतिष्ठा—यह त्रिवेणी अवस्थी परिवार को आधुनिक भारत के उभरते प्रभावशाली परिवारों की श्रेणी में खड़ा करती है।
यह कहानी केवल उपलब्धियों की नहीं, बल्कि संभावनाओं और प्रेरणा की भी है।
फर्रुखाबाद को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले रमेश
फर्रुखाबाद। जनपद की अमृतपुर तहसील में स्थित छोटे से गांव नगला हसा में जन्मे रमेश अवस्थी ने कानपुर के सांसद बनने के बाद न केवल अपनी व्यक्तिगत सफलता का अध्याय लिखा, बल्कि अपने जन्म जनपद फर्रुखाबाद को देश की राजनीति और विकास के मानचित्र पर एक विशेष पहचान दिलाने का कार्य किया है।
नगला हूसा जैसे ग्रामीण परिवेश से निकलकर संसद भवन तक पहुंचना आसान नहीं होता। सीमित संसाधनों और संघर्षपूर्ण परिस्थितियों के बीच रमेश अवस्थी ने शिक्षा, पत्रकारिता और सार्वजनिक जीवन के माध्यम से अपनी पहचान बनाई। यही जमीनी अनुभव आज उनकी राजनीति की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है।


