कानपुर में टूटा 32 साल का रिकॉर्ड, रात का पारा 5.7 डिग्री पर पहुंचा
लखनऊ। उत्तर भारत में सर्दी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। दिल्ली में शुरू हुई शीतलहर का सीधा असर उत्तर प्रदेश पर पड़ रहा है। गुरुवार से ही हवा में ठंडक बढ़ी है और सुबह के समय कोहरा छाने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार रात के तापमान में तीन डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि दिन और रात के तापमान में आने वाले दिनों तक उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
दिल्ली में शीतलहर की पुष्टि करते हुए विभाग ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बर्फबारी और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के सक्रिय होने से मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ी है। गुरुवार को दिन का तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि रात का पारा गिरकर 8.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। हवा में आद्रता का स्तर 95 प्रतिशत दर्ज होने से ठिठुरन और बढ़ गई है।
उत्तर प्रदेश में भी तापमान में तेज गिरावट का असर दिखाई देने लगा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली और यूपी में सर्दी लगभग एक ही समय में शुरू होती है, क्योंकि हिमालयी हवाएं पहले पंजाब-हरियाणा और फिर यूपी के जिलों को प्रभावित करती हैं। इस बार शुरुआती दिनों में सर्दी का असर कम महसूस हुआ, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं।
इसी बीच कानपुर ने 32 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। गुरुवार की रात यहां न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। इससे पहले 2003 में इसी तारीख को 5.6 डिग्री दर्ज किया गया था। महज 24 घंटों में तापमान में 5.3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जिसने सर्दी की तीव्रता को और बढ़ा दिया।
सीएसए के कृषि मौसम तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा के अनुसार, उत्तरी पाकिस्तान में पांच दिसंबर तक एक नया पश्चिमी विक्षोभ पहुंच सकता है, जबकि इससे पहले के विक्षोभों ने पहाड़ों पर व्यापक बर्फबारी करा दी है। इसके कारण चल रहीं उत्तर-पश्चिमी हवाएं अभी कुछ दिनों तक न्यूनतम तापमान को प्रभावित करती रहेंगी। उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन कानपुर में इसका सबसे तेज असर दिखाई दिया है।
आने वाले दिनों में सुबह के कोहरे और रात की ठंड में और इजाफा होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह-शाम सावधानी बरतने और आवश्यकतानुसार सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है।






