10 गुना मुनाफे का झांसा देकर LIC एजेंट को बनाया शिकार, साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज
आगरा। ताजनगरी आगरा में क्रिप्टोकरेंसी में 10 गुना लाभ का झांसा देकर 38.74 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने एक एलआईसी एजेंट को सुनियोजित तरीके से जाल में फंसाकर मोटी रकम हड़प ली।
पीड़ित राजीव यादव, निवासी कोतवाली सेठ गली, को व्हाट्सएप मैसेज के जरिए संपर्क किया गया। मैसेज में क्रिप्टो निवेश पर 10 गुना रिटर्न का दावा किया गया था। शुरुआत में ठगों ने 10 हजार रुपये का निवेश कराया और कुछ ही दिनों में ऐप पर फर्जी मुनाफा दिखाकर भरोसा जीत लिया।
भरोसा जमने के बाद आरोपियों ने एक लाख रुपये का ट्रेडिंग अनुबंध कराया। इसके बाद अलग-अलग चरणों में कुल 38.74 लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए गए।
जब पीड़ित ने रकम निकालने की कोशिश की तो ठगों ने ‘टैक्स’ और ‘प्रोसेसिंग फीस’ के नाम पर 28 लाख रुपये और जमा करने की मांग कर दी। तब जाकर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।
मामले की शिकायत उत्तर प्रदेश पुलिस के साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संबंधित बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई जा रही है।
साइबर विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया या व्हाट्सएप पर आने वाले लुभावने निवेश प्रस्तावों से सतर्क रहें। बिना सत्यापन के किसी भी अज्ञात प्लेटफॉर्म या लिंक पर पैसा ट्रांसफर न करें।त्योहारों और बोनस सीजन में ऐसे साइबर ठग सक्रिय हो जाते हैं, इसलिए निवेश से पहले आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी अवश्य लें।


