बदायूंl जिले में ड्राइविंग लाइसेंस व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शहर से करीब सात किलोमीटर दूर बनाया गया टेस्टिंग ड्राइविंग ट्रैक पूरी तरह तैयार हो चुका है और इसी सप्ताह इसके उद्घाटन की संभावना है। ट्रैक के शुरू होते ही बिना टेस्ट के लाइसेंस जारी करने की व्यवस्था पर रोक लगेगी।
अब तक जिले में ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को लेकर लापरवाही सामने आती रही है। बिना विधिवत ड्राइविंग टेस्ट लिए ही दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लाइसेंस जारी किए जा रहे थे। रोजाना 50 से अधिक स्थायी और 100 से अधिक लर्निंग लाइसेंस बन रहे थे, लेकिन टेस्ट केवल औपचारिकता बनकर रह गया था, जिससे सड़क सुरक्षा पर भी सवाल उठते रहे हैं।
नए सिस्टम के तहत आवेदक को पहले ड्राइविंग ट्रैक पर पहुंचकर अपने ऑनलाइन आवेदन की प्रति दिखाकर नाम दर्ज कराना होगा। इसके बाद उसे ट्रैक पर वाहन चलाकर अपनी ड्राइविंग क्षमता का प्रदर्शन करना होगा। वाहन सही तरीके से चलाने पर ही आवेदक को सफल होने का प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
एआरटीओ हरिओम कुमार ने बताया कि ड्राइविंग ट्रैक के संचालन से केवल कुशल चालकों को ही लाइसेंस मिल सकेगा। इससे मनमाने ढंग से लाइसेंस बनने की प्रक्रिया पर पूरी तरह रोक लगेगी और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है। विभाग का दावा है कि यह व्यवस्था सड़क सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम साबित होगी।


