21.8 C
Lucknow
Sunday, March 1, 2026

मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर: इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष से गल्फ देशों में भय और अनिश्चितता

Must read

मध्य-पूर्व में इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और सामान्य जीवन को तहस-नहस कर दिया है। इजरायल द्वारा किए गए हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आने के बाद ईरान ने तुरंत अमेरिकी ठिकानों और रणनीतिक क्षेत्रों पर पलटवार करना शुरू कर दिया। गल्फ क्षेत्र के देशों में अमेरिकी और ईरानी ठिकानों के आसपास सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है।

संयुक्त अरब अमीरात के पाम बीच पर ईरानी मिसाइलों का हमला हुआ, जहां कई बड़ी हस्तियों के घर हैं। इस हमले में चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि आग को बुझाने में घंटों का समय लगा। इसके अलावा अबू धाबी एयरपोर्ट पर भी ड्रोन हमले की खबरें आईं, जिसमें एक नागरिक की मौत हो गई और एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। लगातार हमलों के कारण गल्फ देशों ने अपने एयर स्पेस को बंद कर दिया है, जिससे हजारों यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई।

यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गरगाश ने स्पष्ट किया कि ईरान के हमले पड़ोसियों के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि केवल अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई गल्फ देशों के लिए खतरा पैदा कर रही है और क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर कर रही है। वहीं दुबई, अबू धाबी और दोहा के हवाई अड्डों पर हमलों से यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा चिंता का विषय बन गई है।

कुवैत में भी ईरानी मिसाइलों के हमलों की वजह से एक व्यक्ति की मौत हुई और 32 लोग घायल हुए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने घायलों का इलाज अल-अदान अस्पताल में किया जा रहा है। इसके अलावा बहरीन और सऊदी अरब के कुछ हिस्सों में भी धमाके और मिसाइल हमलों के कारण नागरिक भय और संकट में हैं। सऊदी अरब ने ईरान के राजदूत को तलब करके अपनी नाराजगी जाहिर की है।

इजरायल के बेत शमेश शहर में भी ईरानी मिसाइल हमला हुआ, जिसमें छह लोगों की मौत हुई। यह हमला रिहायशी इलाके में गिरा, जिससे क्षेत्र में भय और अशांति फैल गई। इस हमले ने इजरायल के नागरिकों में चिंता और तनाव बढ़ा दिया है। इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ईरानी नागरिकों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपने भविष्य के लिए आवाज उठाएं और इस स्थिति का लाभ उठाएं।

मध्य-पूर्व में इस संकट के कारण नागरिक जीवन बाधित हो गया है। दुबई, अबू धाबी और अन्य गल्फ देशों में सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। छात्रों और उनके परिवारों के लिए यह स्थिति चिंता का कारण बन गई है। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति का आकलन करने के बाद परीक्षाओं की नई तारीख घोषित की जाएगी।

अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा भी प्रभावित हुई है। जर्मन एयरलाइन लुफ्थांसा ने तेल अवीव, बेरूत, अम्मान, एरबिल, दम्माम और तेहरान के लिए अपनी उड़ानों को 8 मार्च तक स्थगित कर दिया है। इससे पहले से लागू रद्द उड़ानों का विस्तार हुआ है। अमेरिका ने जॉर्डन की एम्बेसी और अन्य देशों में अपने कर्मचारियों को कार्यालय से दूर रहने की सलाह दी है।

खाड़ी में तेल और प्राकृतिक गैस के परिवहन पर भी असर पड़ा है। रॉयटर्स के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कम से कम 150 तेल और गैस टैंकरों ने अपनी सुरक्षा के लिए खुले पानी में लंगर डाल दिया। ओमान के दुक्म बंदरगाह को भी ईरान ने निशाना बनाया, जिसे गल्फ सहयोग परिषद ने गंभीर उल्लंघन और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए निंदा की।

इससे आर्थिक गतिविधियां भी बाधित हुई हैं। गल्फ देशों में व्यापार, पर्यटन और परिवहन के क्षेत्र में भारी रुकावटें आई हैं। दुबई और अबू धाबी जैसे व्यस्त हवाई केंद्र बंद होने के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रभावित हुई है और कई भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। भारत ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा सलाह जारी की है और दूतावास के माध्यम से उन्हें मदद उपलब्ध कराई जा रही है।

इस संघर्ष ने मध्य-पूर्व की स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता पैदा कर दी है। लगातार होने वाले हमलों ने गल्फ देशों में सामान्य जीवन, आर्थिक गतिविधियों और नागरिक सुरक्षा को प्रभावित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तनाव का समाधान शीघ्र नहीं हुआ, तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी लंबे समय तक महसूस किया जाएगा।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article