तेल डिपो और रिफाइनरी पर हमलों से फैला जहरीला धुआं, लाखों लोगों की सेहत पर खतरा
तेहरान। ईरान की राजधानी तेहरान में इजरायली हमलों के बाद हालात गंभीर हो गए हैं। शहर के कई हिस्सों में तेल डिपो और रिफाइनरी पर हुए हमलों के कारण घना काला धुआं छा गया है, जिससे दिन के समय भी शहर में रात जैसा अंधेरा दिखाई दे रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक दक्षिण-पूर्वी तेहरान और शेहरान के पूर्वी इलाकों में स्थित कई ईंधन डिपो और तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया। इन हमलों के बाद बड़े पैमाने पर आग लग गई और आसमान में काले धुएं के घने बादल फैल गए।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक अंतरराष्ट्रीय चैनल के पत्रकार ने बताया कि ऑफिस जाते समय उनकी कार की खिड़की पर काले रंग की बारिश जैसी बूंदें गिरीं, जो संभवतः तेल डिपो और रिफाइनरी से उठे धुएं और प्रदूषित कणों का परिणाम हो सकती हैं।
जहरीले धुएं से बढ़ा स्वास्थ्य संकट
विशेषज्ञों का कहना है कि तेल भंडार और रिफाइनरी में लगी आग से निकलने वाला धुआं अत्यंत विषैला और खतरनाक हो सकता है। इसमें मौजूद रासायनिक तत्व हवा को गंभीर रूप से प्रदूषित कर सकते हैं, जिससे लाखों लोगों की सेहत पर असर पड़ने की आशंका है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कई इलाकों में हवा भारी और धुएं से भरी हुई महसूस हो रही है। इससे सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
पहले भी हो चुका है ऐसा हमला
जानकारों का कहना है कि इससे पहले जून में हुए 12 दिन के संघर्ष के दौरान भी तेल ठिकानों पर हमले हुए थे, लेकिन इस बार स्थिति ज्यादा गंभीर बताई जा रही है।
फिलहाल शहर के कई हिस्सों में आपात स्थिति जैसे हालात बने हुए हैं और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आग और धुएं पर जल्द नियंत्रण नहीं पाया गया तो पर्यावरण और स्वास्थ्य पर इसका असर लंबे समय तक रह सकता है।

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