लखीमपुर खीरी। सदर कोतवाली क्षेत्र के सुआगाड़ा गांव में 17 वर्षीय किशोर अंश कुमार झा की गोली लगने से हुई संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। परिजनों ने इसे दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या बताते हुए साक्ष्य छुपाने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने दो नामजद आरोपियों समेत कई अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। सीओ सिटी विवेक तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश में दबिश दी, हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस अधिकारियों ने मामले में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
मृतक के पिता अनिल कुमार झा के मुताबिक, 30 मार्च की शाम उनका बेटा अंश अपने दोस्तों के साथ घर से निकला था। देर रात उसने फोन कर बताया कि वह एक दोस्त की मां के इलाज के लिए लखनऊ गया है। अगले दिन सुबह भी उसने वापस आने की बात कही थी, जिससे परिवार को किसी अनहोनी का अंदेशा नहीं हुआ।
परिजनों का आरोप है कि 31 मार्च को अंश ने फोन कर खुद को बीमार बताते हुए गोला रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी दी। जब परिवार अस्पताल पहुंचा तो वहां मौजूद दोस्तों और स्टाफ ने सही जानकारी देने के बजाय यह कहकर गुमराह किया कि वह पटाखों से झुलस गया है।
बाद में हालत बिगड़ने पर अंश को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर किया गया, जहां जांच में उसके पेट में गोली लगने का खुलासा हुआ। इलाज के दौरान हालत लगातार बिगड़ती गई और 2 अप्रैल की सुबह उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि समय रहते सही जानकारी मिलती तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।
मृतक के परिजनों और चाचा ने अपहरण, हत्या और साक्ष्य छुपाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। अंश के दादा उत्तर प्रदेश पुलिस से सेवानिवृत्त हैं और वह शहर के एक इंटर कॉलेज का छात्र था। इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और इलाके में गहरा आक्रोश व्याप्त है।


