18 C
Lucknow
Wednesday, January 28, 2026

तीन बार के बीजेपी सांसद की बहन के उत्पीड़न मामले में भी नहीं सुनी पुलिस, मुख्यमंत्री को देना पड़ा दखल”

Must read

फर्रुखाबाद/कासगंज। उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर योगी सरकार लगातार दावे करती रही है, लेकिन कासगंज की ताज़ा घटना ने इन दावों पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। मामला बेहद चौंकाने वाला है, क्योंकि इसमें पीड़िता कोई आम महिला नहीं बल्कि फर्रुखाबाद से तीन बार के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के करीबी माने जाने वाले भाजपा नेता मुकेश राजपूत की सगी बहन हैं।
ससुर और देवर पर नहाते वक्त वीडियो बनाने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, सांसद की बहन का विवाह कासगंज में हुआ है। आरोप है कि उनके ससुर और देवर ने बाथरूम में नहाते समय गुप्त रूप से वीडियो बना लिया। जब पीड़िता ने इसका विरोध किया, तो उसके साथ जमकर मारपीट की गई। इस दौरान मारपीट का एक वीडियो भी सामने आया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोगों में आक्रोश फैल गया। जिसके बाद आरोपियों पर मुकदमा भी पंजीकृत हुआ

इस मामले को लेकर सबसे गंभीर सवाल पुलिस की कार्यशैली पर खड़े हो रहे हैं। पीड़िता ने अपने भाई सांसद मुकेश राजपूत को जब जानकारी दी, तो उन्होंने कई बार कासगंज पुलिस से संपर्क किया। लेकिन पुलिस ने न तो तत्काल मदद की और न ही शिकायत पर कोई कार्रवाई की।

सांसद राजपूत ने कहा,“मैं तीन बार से जनता का सांसद हूँ, लेकिन मेरी बहन के मामले में भी पुलिस ने शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। आम जनता की स्थिति का अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि उन्हें किस तरह न्याय के लिए तरसना पड़ता होगा।”

 

मुख्यमंत्री के दखल के बाद हरकत में आई पुलिस
आख़िरकार जब मामला आईजी, डीआईजी से होता हुआ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुँचा, तब जाकर पुलिस हरकत में आई। मुख्यमंत्री के दखल के बाद आरोपियों को हिरासत में लिया गया और मामले में जांच शुरू की गई।
यह घटना प्रदेश की महिला सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि जब सत्ता पक्ष के सांसद की बहन को न्याय दिलाने के लिए मुख्यमंत्री का दखल जरूरी हो, तो आम महिलाओं की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा?
वहीं, विपक्ष इस घटना को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह घटना साबित करती है कि पुलिस प्रशासन सरकार की महिला सुरक्षा की नीतियों को पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर रहा है।
योगी सरकार ने कई बार कहा है कि महिलाओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन कासगंज की यह घटना सरकार की छवि को गहरा धक्का दे रही है, क्योंकि इसमें मुख्यमंत्री को खुद दखल देकर कार्रवाई करानी पड़ी।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article