– वनडे पर खास फोकस
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 2026-27 के घरेलू अंतरराष्ट्रीय सीजन का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है, जिसमें टीम इंडिया अपने घर में कुल 22 इंटरनेशनल मुकाबले खेलेगी। इस पूरे सीजन में चार बड़ी टीमें—वेस्टइंडीज, श्रीलंका, जिम्बाब्वे और ऑस्ट्रेलिया—भारत दौरे पर आएंगी, जिससे क्रिकेट प्रेमियों को पूरे साल हाई-वोल्टेज मुकाबले देखने को मिलेंगे।
इस बार के शेड्यूल की सबसे बड़ी खासियत वनडे मैचों पर विशेष जोर माना जा रहा है। इससे विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को ज्यादा मौके मिलने की संभावना है, जो लंबे समय से इस फॉर्मेट में टीम की रीढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वनडे पर बढ़ता फोकस आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स की तैयारी के लिहाज से बेहद अहम कदम है।
घरेलू सीजन के मुकाबले देश के 17 अलग-अलग शहरों में आयोजित किए जाएंगे। इससे न केवल बड़े शहरों बल्कि छोटे शहरों में भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का माहौल बनेगा। बीसीसीआई ने आयोजन स्थलों का चयन करते समय दर्शकों की सुविधा, सुरक्षा, मौसम और पिच की गुणवत्ता को ध्यान में रखा है, ताकि हर मैच का अनुभव बेहतर हो सके।
चारों टीमों के खिलाफ होने वाली सीरीज में अलग-अलग फॉर्मेट शामिल होंगे। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मुकाबले को सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है, जबकि श्रीलंका और वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में संतुलित प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है। वहीं जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबलों में युवा खिलाड़ियों को मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है।
टीम मैनेजमेंट के लिए यह सीजन बेहद अहम रहने वाला है, क्योंकि इसमें सीनियर खिलाड़ियों के अनुभव और युवा खिलाड़ियों की ऊर्जा के बीच संतुलन बनाने की चुनौती होगी। चयनकर्ताओं की नजर भी इस सीजन में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी, जिससे भविष्य की टीम तैयार की जा सके।
आर्थिक दृष्टि से भी यह सीजन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अलग-अलग शहरों में मैचों के आयोजन से स्थानीय व्यापार, होटल इंडस्ट्री और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही दर्शकों की बड़ी संख्या से क्रिकेट का क्रेज और अधिक बढ़ेगा।
2026-27 में टीम इंडिया का मेगा होम सीजन, 22 इंटरनेशनल मैच


