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Thursday, February 26, 2026

TET अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का दशक का सबसे बड़ा प्रदर्शन, शीतकालीन सत्र में संसद घेराव की चेतावनी

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फर्रुखाबाद: शिक्षा अधिकार अधिनियम (TET) लागू होने की तिथि से पूर्व नियुक्त शिक्षकों (Teachers) को TET से छूट देने की मांग को लेकर रविवार को देशभर के 22 राज्यों से आए एक लाख से अधिक शिक्षकों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अभूतपूर्व और ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। 28 शिक्षक संगठनों के संयुक्त मंच अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले जुटे शिक्षकों ने केंद्र सरकार को स्पष्ट संदेश दिया कि यदि संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में सेवारत शिक्षकों को टीईटी से मुक्त किए जाने संबंधी संशोधित अध्यादेश पारित नहीं किया जाता है, तो देशभर के लाखों शिक्षक संसद का घेराव करेंगे।

नेताओं ने मंच से कहा कि आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त सभी अध्यापकों को टीईटी से छूट मिलना उनका अधिकार है। धरना स्थल पर अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक बासवराज गुरिकर, सह संयोजक एवं यूटा (यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन) के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राठौर तथा प्रदेश संगठन मंत्री यादवेन्द्र शर्मा ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए सरकार से जल्द अध्यादेश पारित करने की मांग की।

जनपद फर्रुखाबाद से यूटा के जिलाध्यक्ष पियूष कटियार और महामंत्री पंकज यादव के नेतृत्व में अनुराग भदौरिया, आलोक यादव, मनीष यादव, संजीव, राकेश सहित सैकड़ों शिक्षक दिल्ली पहुंचे और इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में प्रभावी भागीदारी निभाई। शिक्षकों ने एकजुट होकर सरकार तक अपनी आवाज बुलंद की और आंदोलन को आगे और तेज करने का ऐलान किया।

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