शाहजहांपुर। जनपद के ब्लॉक जैतीपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत रामपुर स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था की हकीकत चौंकाने वाली सामने आ रही है। यहां शिक्षा का मंदिर अब मोबाइल चलाने का अड्डा बन चुका है। आरोप है कि प्रधानाध्यापक सहित तैनात शिक्षक और कर्मचारी पूरे दिन मोबाइल फोन में व्यस्त रहते हैं और मासूम बच्चों की पढ़ाई भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में पढ़ाई नाम की कोई व्यवस्था नजर नहीं आती। शिक्षक कक्षाओं में बच्चों को पढ़ाने के बजाय मोबाइल पर बातचीत, सोशल मीडिया और निजी कामों में मशगूल रहते हैं। नतीजा यह है कि बच्चे स्कूल में समय काटने को मजबूर हैं और उनका भविष्य अंधेरे की ओर धकेला जा रहा है।
अभिभावकों में इस लापरवाही को लेकर गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लाख दावे करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर जिम्मेदार लोग ही उन दावों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। जिन शिक्षकों पर बच्चों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी है, वही अपनी ड्यूटी से मुंह मोड़ते दिखाई दे रहे हैं।
ग्रामीणों ने बेसिक शिक्षा विभाग से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार प्रधानाध्यापक और शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि विद्यालय में शिक्षा का माहौल दोबारा बहाल हो सके।
सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर लापरवाही पर कार्रवाई करेंगे, या फिर सरकारी स्कूलों में इसी तरह मोबाइल चलता रहेगा और बच्चों का भविष्य अंधकार में डूबता रहेगा?


