कायमगंज, फर्रुखाबाद। शुक्रवार को कस्बे के निकट ग्राम कुबेरपुर में तंबाकू कारोबार की जड़ें हिला देने वाली कार्रवाई हुई। सीजीएसटी (केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग) की टीम ने अचानक धावा बोलकर तीन प्रमुख फर्मों—शिवा इंटरप्राइजेज सहित दो अन्य प्रतिष्ठानों—के गोदाम और दफ्तर खंगाल डाले।
टीम ने माल का स्टॉक रजिस्टर से मिलान किया, बिक्री रजिस्टर, टैक्स दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन से जुड़ी फाइलें पलट डालीं। कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे सीजीएसटी इंस्पेक्टर शैलेन्द्र मोहन कटियार ने केवल इतना कहा कि छापा उच्चाधिकारियों के निर्देश पर डाला गया है। लेकिन सूत्रों का दावा है कि प्राथमिक जांच में टैक्स चोरी के कई ठोस सबूत हाथ लगे हैं।
कुबेरपुर और आसपास के इलाके में तंबाकू का सालाना कारोबार अरबों रुपये का है। अनुमान है कि अकेले टैक्स चोरी से करोड़ों का राजस्व सरकार की झोली में जाने से बचाया जा रहा है। यही वजह है कि केंद्र सरकार की सीधी नजर अब इस पूरे नेटवर्क पर टिकी है।
छापेमारी में यह भी खुलासा हुआ है कि ट्रांसपोर्टर इस खेल के असली गैंबलर हैं। माल की हेराफेरी, बिलिंग का हेरफेर और फर्जी इनवॉइस का पूरा खेल इनके माध्यम से चलता है। टीम ने कई ऐसे बड़े ट्रांसपोर्टरों को चिन्हित किया है जिनकी भूमिका अब ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की जांच की जद में आ सकती है।
अचानक हुई इस कार्रवाई से कस्बे और आसपास के इलाकों के व्यापारियों में हड़कंप मच गया। दिनभर चर्चा रही कि यह छापा महज शुरुआत है और जल्द ही बड़े नामचीन कारोबारी शिकंजे में आ सकते हैं। कई व्यापारी अपने दस्तावेजों को दुरुस्त कराने में जुट गए हैं।
अब सबकी निगाहें सीजीएसटी और ईडी की अगली चाल पर टिकी हैं। क्या तंबाकू कारोबार के इस काले खेल का बड़ा घोटाला सामने आएगा? कस्बा गवाह बनेगा उस खुलासे का, जिसकी आहट से ही तंबाकू मंडी में सन्नाटा छा गया है।