कहा- D मतलब कभी दलित तो कभी डिंपल
लखीमपुर खीरीl पहुंचे अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और उनकी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) राजनीति पर तीखा प्रहार किया। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव का पीडीए “चूं-चूं का मुरब्बा” बनकर रह गया है, जिसका अर्थ वे समय और सुविधा के अनुसार बदलते रहते हैं।
मीडिया से बातचीत में स्वामी प्रसाद मौर्य ने आरोप लगाया कि कभी पीडीए में ‘पी’ का मतलब पिछड़ा बताया जाता है तो कभी पंडित, वहीं ‘डी’ का अर्थ कभी दलित तो कभी मैनपुरी सांसद डिंपल यादव कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि जो खुद पीडीए का सही अर्थ नहीं समझता, वह सामाजिक न्याय की राजनीति कैसे करेगा।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने आगे कहा कि ‘ए’ का अर्थ भी अखिलेश यादव अलग-अलग बताते हैं और फिलहाल इसे अगड़ा समाज से जोड़ रहे हैं। उनका आरोप है कि पीडीए का इस्तेमाल सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है, न कि वास्तविक सामाजिक सशक्तिकरण के लिए।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले स्वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थामा था, हालांकि वह अपनी विधानसभा सीट बचाने में सफल नहीं हो सके थे। अब उनके ताजा बयानों से यह संकेत मिल रहे हैं कि वे आगामी यूपी विधानसभा चुनाव 2027 में अपनी अलग राजनीतिक धारा के साथ चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। इस बयानबाजी के बाद प्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।






