मोहम्मद आकिब खां
फर्रुखाबाद/महोबा। महोबा के स्थापना दिवस पर आयोजित सात दिवसीय ‘सूर्य महोत्सव’ की सांस्कृतिक संध्या में फर्रुखाबाद की कथक नृत्यांगना अंजलि चौहान और उनके दल ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से समां बांध दिया। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम में अंजलि की कला साधना और सधे हुए नृत्य को दर्शकों ने खूब सराहा।
महोत्सव के दौरान महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर अंजलि चौहान ने लखनऊ के गोविंद यादव और अपनी टीम की साथी अक्षरा, कशिश व दीपांशी के साथ मंच साझा किया। भगवान शिव को समर्पित उनकी विशेष कथक प्रस्तुति ने आयोजन को भक्ति और कला के अनूठे संगम में बदल दिया।
संस्कृति विभाग की इस पहल के माध्यम से प्रदेश की प्रतिभाओं को अपनी कला के प्रदर्शन के लिए एक बड़ा मंच मिल रहा है। अंजलि की प्रस्तुति ने न केवल भारतीय शास्त्रीय नृत्य की बारीकियों को दर्शाया, बल्कि भारतीय परंपरा, अनुशासन और सामाजिक समरसता का प्रेरक संदेश भी दिया।
11 से 17 फरवरी तक आयोजित हुए इस महोत्सव में अंजलि चौहान की टीम की प्रस्तुति को स्थानीय नागरिकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने विशेष रूप से सराहा। दर्शकों का कहना था कि इस तरह के आयोजनों से न केवल शास्त्रीय नृत्य के प्रति युवाओं में रुचि बढ़ती है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षण मिलता है। अंजलि की इस सफलता पर फर्रुखाबाद के कला प्रेमियों में हर्ष की लहर है।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी डॉ. चित्रगुप्त ने भी इस प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से प्रदेश की सांस्कृतिक एकता और विरासत को नया बल मिल रहा है।





