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Thursday, February 12, 2026

फर्रुखाबाद में माफिया राज पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

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– जीरो टॉलरेंस की धार पर डीएम आशुतोष द्विवेदी –एसपी आरती सिंह की जुगलबंदी
– डॉ. अनुपम दुबे गैंग में हड़कंप

फर्रुखाबाद: Farrukhabad जिले में वर्षों से जड़ें जमाए माफिया नेटवर्क पर अब प्रशासन ने ऐसा शिकंजा कसा है कि पूरे तंत्र में भगदड़ मची हुई है। मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति को जमीन पर उतारते हुए जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक (superintendent of police) आरती सिंह की जोड़ी ने माफिया तंत्र के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।थाना मऊ दरवाजा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात माफिया डॉ. अनुपम दुबे के भाई अनुराग दुबे और अमित दुबे व कई को हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उस नेटवर्क पर वार है, जो जेल की सलाखों के पीछे बैठे सरगना के इशारों पर बाहर से सक्रिय बताया जा रहा था।

सूत्रों की मानें तो बीते कुछ महीनों में गैंग एक बार फिर सक्रिय होने लगा था। जमीनों पर कब्जे, दबंगई, भय का माहौल और विरोध करने वालों को धमकाने की शिकायतें बढ़ रही थीं। हाल ही में माफिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाले दलित एकलव्य कुमार को कथित साजिश के तहत फंसाने की कोशिश हुई थी। इसी कड़ी में एक संदिग्ध हत्या ने पूरे घटनाक्रम को सनसनीखेज मोड़ दे दिया। आरोप है कि हत्या को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम देकर माहौल भड़काने और मुकदमे को कमजोर करने की रणनीति बनाई गई थी। जैसे ही मामले की परतें खुलीं, प्रशासन ने चुप्पी तोड़ दी।
गैंग से जुड़े लोगों की सूची तैयार
संदिग्ध संपत्तियों की पड़ताल शुरू
संभावित ठिकानों पर दबिश
पुराने मुकदमों की फाइलें दोबारा खोली गईं।

सूत्र बताते हैं कि जिले के जनप्रतिनिधियों ने भी कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एकजुट समर्थन दिया। इसके बाद डीएम की सख्त मॉनिटरिंग में पुलिस ने ‘ऑपरेशन क्लीन’ शुरू कर दिया।

गिरफ्तारियों के बाद गैंग से जुड़े लोगों में खलबली मच गई है। कई संदिग्ध भूमिगत बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सिर्फ छोटे मोहरे नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की रणनीति पर काम हो रहा है।
जुर्म और आतंक की छाया में पनप रहे इस तंत्र पर अब चौतरफा वार हो रहा है। जिले में संदेश साफ है—अब कानून से ऊपर कोई नहीं।

जनता में राहत, लेकिन नजर आगे की कार्रवाई पर लंबे समय से भय और दबाव में जी रहे आम नागरिकों में राहत की भावना दिख रही है। हालांकि लोग यह भी चाहते हैं कि कार्रवाई सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित न रहे, बल्कि अवैध संपत्तियों की जब्ती और नेटवर्क के पूर्ण विघटन तक पहुंचे। फर्रुखाबाद में चल रही यह मुहिम आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की ओर इशारा कर रही है।

यूथ इंडिया की पड़ताल जारी…

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