श्रीलंका के पूर्व राज्य खुफिया सेवा प्रमुख सुरेश सैली को 2019 के ईस्टर संडे बम धमाकों के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार उन्हें अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने कोलंबो के उपनगर पेलियागोड़ा से हिरासत में लिया। हालांकि, गिरफ्तारी को लेकर अभी तक पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई 21 अप्रैल 2019 को हुए भीषण सिलसिलेवार आत्मघाती हमलों की पुनः जांच के तहत की गई है। इन हमलों में कोलंबो के चर्चों और फाइव-स्टार होटलों को निशाना बनाया गया था। धमाकों में 11 भारतीय नागरिकों सहित लगभग 270 लोगों की मौत हुई थी, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए थे। इन हमलों ने पूरे देश को झकझोर दिया था।
हमलों के समय सुरेश सैली विदेश में एक राजनयिक पद पर तैनात थे। हालांकि, उन पर यह आरोप रहा है कि सुरक्षा प्रतिष्ठान के पास हमलों से संबंधित पूर्व खुफिया चेतावनी मौजूद थी। विशेष रूप से भारत द्वारा साझा की गई चेतावनी के बावजूद समय रहते पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई, जिससे यह त्रासदी टाली जा सकती थी।
उस समय देश में मैत्रीपाला सिरिसेना के नेतृत्व वाली सरकार थी। उनकी सरकार पर यह आरोप लगा था कि विदेशी खुफिया इनपुट मिलने के बावजूद सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी और निर्णय लेने में देरी के कारण हमलों को रोका नहीं जा सका। इस मामले ने राजनीतिक स्तर पर भी बड़ा विवाद खड़ा किया था।
धमाकों की जिम्मेदारी एक स्थानीय उग्रवादी संगठन ने ली थी, जिसके अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से संबंध होने की बात सामने आई थी। जांच में यह भी सामने आया था कि हमलों की साजिश काफी समय से रची जा रही थी और सुरक्षा एजेंसियों के पास इसके संकेत मौजूद थे।
वर्तमान में सत्ता में मौजूद नेशनल पीपुल्स पावर सरकार ने 2024 के अंत में ईस्टर आतंकी हमलों की जांच को दोबारा शुरू करने की घोषणा की थी। सरकार का कहना था कि पहले की जांच पर राजनीतिक प्रभाव पड़ा था और कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया गया।
नई जांच के तहत यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि खुफिया सूचनाओं के बावजूद समय पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई और क्या किसी स्तर पर लापरवाही या जानबूझकर चूक हुई थी। इसी क्रम में सुरेश सैली से पूछताछ को अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह गिरफ्तारी श्रीलंका की राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकती है। ईस्टर हमले देश के हालिया इतिहास की सबसे भयावह घटनाओं में से एक रहे हैं और पीड़ित परिवार लंबे समय से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल, सुरेश सैली से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि 2019 की उस त्रासदी के पीछे कौन-कौन सी चूकें जिम्मेदार थीं।


