फर्रुखाबाद। शहर के हृदय स्थल चौक से नेहरू रोड तक वर्षों से लगने वाला संडे बाजार आखिरकार ठंडी सड़क पर स्थानांतरित कर दिया गया है। यह बाजार अब रेलवे स्टेशन से लेकर नवभारत सभा भवन तक लगाया जा रहा है। प्रशासन और नगर व्यापार मंडल के संयुक्त प्रयासों से हुए इस स्थानांतरण से छोटे व्यापारियों के साथ-साथ सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिली है।
रविवार को लगने वाला यह बाजार केवल खरीद-फरोख्त का केंद्र नहीं, बल्कि गरीब, मेहनतकश और सीमित आय वाले लोगों की आजीविका का मजबूत सहारा रहा है। बाजार बंद होने से सैकड़ों छोटे दुकानदारों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था, वहीं आम लोगों को सस्ती और रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं मिलना भी मुश्किल हो गया था।
कभी रविवार के दिन चौक से नेहरू रोड तक मेले जैसा माहौल रहता था। फुटपाथ पर सजी दुकानों में गर्म कपड़े, जूते-चप्पल, घरेलू उपयोग का सामान और बच्चों के कपड़े बेहद सस्ती दरों पर उपलब्ध होते थे। खासकर सर्दियों के मौसम में यह बाजार गरीब और मध्यम वर्ग के लिए किसी वरदान से कम नहीं था।
शहरवासियों का कहना है कि जब बड़े महानगरों में संडे बाजार, बुध बाजार और साप्ताहिक हाट सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं, तो फर्रुखाबाद में इसे बंद करना समझ से परे था। ऐसे में प्रशासन के इस फैसले का जनमानस ने स्वागत किया है।
नगर व्यापार मंडल के महामंत्री राकेश सक्सेना (मिश्रा गुट) ने बताया कि अधिकारियों, नगर पालिका और व्यापार मंडल के आपसी समन्वय से यह निर्णय लिया गया कि संडे बाजार ठंडी सड़क पर लगाया जाएगा। इसके लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि गत रविवार को आंशिक रूप से बाजार लगाया गया था, जबकि आने वाले रविवार से संडे बाजार पूरी रौनक के साथ लगेगा।
गौरतलब है कि इस विषय में यूथ इंडिया ने पहले ही विस्तार से खबरें प्रकाशित कर संडे बाजार की उपयोगिता और जनमानस के लिए उसके महत्व को प्रमुखता से रेखांकित किया था, जिसका अब सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है।






