फर्रुखाबाद। शहर के हृदय स्थल चौक से नेहरू रोड तक वर्षों से लगने वाले संडे बाजार को ठंडी सड़क पर स्थानांतरित किए जाने के बाद आम जनमानस और छोटे-मझोले व्यापारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। प्रशासन के इस निर्णय को लेकर लोग इसे राहत के बजाय परेशानी बढ़ाने वाला कदम बता रहे हैं। जिस उद्देश्य से बाजार का स्थानांतरण किया गया, वह पूरा होता नजर नहीं आ रहा है, बल्कि नई जगह पर नई समस्याएं खड़ी हो गई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले चौक क्षेत्र में जाम लगने की शिकायत रहती थी, लेकिन अब रेलवे स्टेशन और उसके आसपास रविवार को पूरे दिन जाम की स्थिति बनने की आशंका है। संडे बाजार अब रेलवे स्टेशन से लेकर नवभारत सभा भवन तक लगाए जाने की व्यवस्था की गई है, जिससे स्टेशन क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और अधिक प्रभावित हो सकती है। इससे यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
शहरवासियों के अनुसार, मध्य शहर में लगने वाला संडे बाजार सभी क्षेत्रों के लोगों के लिए सहज और सुलभ था। नेहरू रोड पर बाजार लगने से शहर के उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम—चारों ओर से लोग आसानी से पहुंच जाते थे। अब बाजार को नगर के एक छोर पर शिफ्ट कर देने से आसपास के कई इलाकों के लोग वहां तक नहीं पहुंच पाएंगे। निकट में होली का पर्व होने के कारण इस समय बाजार में भारी भीड़ रहती थी, जहां सीमित संसाधनों में भी लोग त्योहार की खरीदारी कर लिया करते थे, लेकिन अब ऐसा संभव होता नहीं दिख रहा।
रविवार को लगने वाला यह संडे बाजार केवल खरीद-फरोख्त का केंद्र नहीं, बल्कि गरीब, मेहनतकश और सीमित आय वाले लोगों की आजीविका का मजबूत सहारा रहा है। बाजार के अस्थायी रूप से बंद रहने और अब दूर स्थान पर शिफ्ट होने से सैकड़ों छोटे दुकानदारों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। वहीं आम लोगों को सस्ती और रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं मिलना भी मुश्किल होता जा रहा है।
कभी रविवार को चौक से नेहरू रोड तक मेले जैसा माहौल रहता था। फुटपाथों पर सजी दुकानों में गर्म शहरवासियों का कहना है कि जब बड़े महानगरों में संडे बाजार और साप्ताहिक हाट सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं, तो फर्रुखाबाद में इसे इस तरह स्थानांतरित करना समझ से परे है।


