निपुण विद्यार्थियों का सम्मान और बच्चों को वितरित हुईं पाठ्य-पुस्तकें
फर्रूखाबाद
प्रदेश में शिक्षा के स्तर को सुदृढ़ करने, प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ने तथा शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्यव्यापी “स्कूल चलो अभियान” का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वाराणसी स्थित कंपोजिट विद्यालय, शिवपुर से की गई। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने निपुण विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया और शिक्षा को जीवन का आधार बताते हुए बच्चों को निरंतर अध्ययन के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने में सहयोग करें, ताकि प्रदेश में शिक्षा का स्तर और अधिक बेहतर हो सके।
इसी क्रम में जनपद फर्रूखाबाद में भी इस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण आयोजित किया गया, जिसमें जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी सहित जनपद स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने स्कूली बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकों का वितरण किया। पुस्तकों को प्राप्त कर बच्चों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी, वहीं अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की।
इसके अतिरिक्त, शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान से शिक्षकों में नई ऊर्जा का संचार हुआ और उन्होंने भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने कहा कि शिक्षक ही समाज की नींव होते हैं और उनके योगदान से ही बच्चों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित होता है।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने यह भी बताया कि “स्कूल चलो अभियान” के तहत घर-घर जाकर बच्चों का नामांकन कराया जाएगा तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी बच्चा विद्यालय से बाहर न रहे। साथ ही विद्यार्थियों के ट्रांजिशन (एक कक्षा से दूसरी कक्षा में प्रवेश) को भी शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), जिला विद्यालय निरीक्षक, खंड शिक्षाधिकारी सहित कई अन्य संबंधित अधिकारी एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन के साथ ही जनपद में शिक्षा के प्रति जागरूकता और सकारात्मक माहौल बनने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।


