एटा
जैथरा थाना क्षेत्र के एक निजी स्कूल में शिक्षक की हैवानियत सामने आने से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामूली देरी से स्कूल पहुंचने पर तीसरी कक्षा की एक मासूम छात्रा को बेरहमी से पीटने और उसके बाल नोचने की घटना ने इलाके में आक्रोश फैला दिया है। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना जैथरा क्षेत्र के मायाचक गांव स्थित एक निजी विद्यालय की है, जहां कक्षा तीन में पढ़ने वाली छात्रा नित्या के साथ यह अमानवीय व्यवहार किया गया। परिजनों के अनुसार आठ अप्रैल को छात्रा लंच ब्रेक के दौरान बिना बताए अपने घर चली गई थी। लंच समाप्त होने के कुछ मिनट बाद जब वह वापस स्कूल पहुंची, तो शिक्षक संतोष इस बात से नाराज हो गया।
आरोप है कि शिक्षक ने गुस्से में आकर छात्रा को डंडे से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, उसने बच्ची के बाल तक नोच डाले, जिससे वह बुरी तरह सहम गई। छुट्टी के बाद जब छात्रा घर पहुंची, तो वह डरी-सहमी हालत में थी। मां सरोज देवी ने जब उससे पूछताछ की, तो बच्ची रोते हुए पूरी घटना बताई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन तुरंत स्कूल पहुंचे, लेकिन उस समय विद्यालय में कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं मिला। इसके बाद पीड़िता की मां ने नौ अप्रैल को थाना जैथरा में आरोपी शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।
थाना प्रभारी रितेश ठाकुर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी शिक्षक ने गुस्से में आकर छात्रा को पीटने की बात स्वीकार की है, हालांकि उसने किसी प्रकार के पुराने विवाद से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में भारी नाराजगी है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल जैसे सुरक्षित स्थान पर इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और दोषी शिक्षक के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी मासूम के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार न हो सके।


