नई दिल्ली
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के कई हिस्सों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। अचानक धरती कांपने से घबराए लोग अपने घरों और फ्लैट्स से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। यह भूकंप केवल दिल्ली-एनसीआर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके झटके पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में महसूस किए गए, जिससे व्यापक स्तर पर दहशत का माहौल बन गया।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.9 मापी गई। अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में स्थित हिंदूकुश पर्वतीय इलाका था। भूकंप की गहराई जमीन से करीब 150 किलोमीटर नीचे बताई गई है, जिसके कारण इसका असर कई देशों तक फैल गया। भारत के अलावा पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ताजिकिस्तान में भी झटके महसूस किए गए।
दिल्ली-एनसीआर के नोएडा और गाजियाबाद जैसे इलाकों में लोग रात के समय अपने फ्लैट्स से बाहर निकल आए। स्थानीय निवासियों ने बताया कि झटकों के समय बारिश भी हो रही थी, जिससे लोगों की घबराहट और बढ़ गई। हालांकि शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, इस भूकंप से कहीं से भी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप पृथ्वी के अंदर मौजूद टेक्टोनिक प्लेट्स के आपसी टकराव के कारण आते हैं। जब इन प्लेट्स के बीच अधिक दबाव बनता है, तो ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है, जिससे धरती कांपती है। भूकंप का केंद्र यानी एपीसेंटर वह स्थान होता है, जहां से यह ऊर्जा निकलती है और उसी क्षेत्र में कंपन सबसे ज्यादा महसूस किया जाता है।
भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है, जो 1 से 9 तक होती है। आमतौर पर 5 से ऊपर की तीव्रता वाले भूकंप को मध्यम से तेज श्रेणी में रखा जाता है, जबकि 7 या उससे अधिक तीव्रता के भूकंप काफी विनाशकारी साबित हो सकते हैं। फिलहाल इस भूकंप की तीव्रता 5.9 होने के चलते यह खतरनाक तो नहीं रहा, लेकिन इसके झटकों ने लोगों को डर जरूरा दिया।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि भूकंप के दौरान घबराएं नहीं और सुरक्षित स्थानों पर रहें। साथ ही किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।


