संभल। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने जनसुनवाई में लापरवाही बरतने और मारपीट में घायल हुए एक पीड़ित की रिपोर्ट दर्ज न करने के आरोप में बहजोई थाने के प्रभारी निरीक्षक संत कुमार को तत्काल प्रभाव से लाइनहाजिर कर दिया। एसपी ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई और शिकायत निपटाने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पिछले एक महीने में संभल की पूरी एसओजी टीम सहित 45 से अधिक पुलिसकर्मियों को विभिन्न आरोपों के चलते लाइनहाजिर किया जा चुका है। इनमें इंस्पेक्टर, दरोगा, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल शामिल हैं। इस कदम से पुलिस महकमे में खासी हलचल मची हुई है।
बहजोई थाने का कार्यभार अब अपराध निरीक्षक अजीत कुमार को सौंपा गया है। प्रभारी निरीक्षक संत कुमार पर आरोप है कि दो दिन पहले हुए झगड़े में घायल व्यक्ति का मेडिकल होने के बावजूद रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। यही वजह रही कि एसपी ने उन्हें लाइनहाजिर किया।
जानकारी के अनुसार, यह तीसरी बार है जब प्रभारी निरीक्षक संत कुमार को लाइनहाजिर किया गया है। इससे पहले वह संभल सर्किल के हयातनगर थाने और गुन्नौर सर्किल के जुनावई थाने में प्रभारी रह चुके हैं, जहाँ उन्हें पहले भी लाइनहाजिर किया गया था।
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने पुलिसकर्मियों को चेतावनी दी है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भविष्य में भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद संभल पुलिस महकमे में अनुशासन कड़ा करने की उम्मीद जताई जा रही है, और अधिकारियों के बीच यह संदेश गया है कि जनसुनवाई और नागरिक शिकायतों के निपटारे में पूरी पारदर्शिता आवश्यक है।
पुलिस अधिकारियों की सख्त कार्रवाई: बहजोई प्रभारी निरीक्षक लाइनहाजिर


