संभल
जनपद में बिगड़ती वायु गुणवत्ता (AQI) को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए ईंट भट्टों पर बड़ी कार्रवाई की है। प्रतिबंधित ईंधन के इस्तेमाल की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने पुलिस बल के साथ कई भट्टों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई से क्षेत्र में संचालित भट्ठा मालिकों में हड़कंप मच गया।
शनिवार शाम करीब 4 बजे सिटी मजिस्ट्रेट ने थाना नखासा क्षेत्र के हसनपुर रोड स्थित गांव कुरकावली और थाना हयातनगर क्षेत्र के गांव मुजफ्फरपुर में संचालित ईंट भट्टों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिससे प्रशासन भी सतर्क हो गया।
गांव कुरकावली में शान ब्रिक वर्क्स और खालसा ईंट उद्योग के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि वहां टायर जलाने के बाद बचने वाले काले पाउडर का ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था, जो पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बाद टीम ने मुजफ्फरपुर स्थित हिलाल ईंट कंपनी का निरीक्षण किया, जहां करीब 10 कुंतल टायर की राख बरामद हुई, जिसका उपयोग भी भट्ठों में ईंधन के रूप में किया जा रहा था।
सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने बताया कि प्रदूषण फैलाने वाले ऐसे अवैध तरीकों पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदूषण विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया है और उन्हें नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। दोषी पाए जाने वाले भट्ठा संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी हालत में प्रतिबंधित ईंधन का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें और किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।


