फतेहपुर जिले में मूसलाधार बारिश और तेज आंधी ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। जिले के कई गांवों में खेतों में खड़ी गेहूं और लाही की फसलें जमीन पर गिर गईं, जिससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। अचानक बदले मौसम ने ग्रामीण क्षेत्रों में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, जिले में लगभग 40 प्रतिशत फसल की कटाई हो चुकी थी, जबकि करीब 60 प्रतिशत फसल अभी खेतों में खड़ी थी। आंधी और बारिश के चलते यह खड़ी फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। अनुमान है कि करीब 150 बीघा से अधिक फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर बड़ा असर पड़ सकता है।
बारिश का असर केवल गेहूं तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि चना, लाही और अन्य फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। मौसम साफ न होने की स्थिति में बची हुई फसल के भी खराब होने की आशंका जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द राहत नहीं मिली तो उनकी स्थिति और खराब हो सकती है।
किसान भोला ने बताया कि खेत में पकी गेहूं की फसल पूरी तरह चौपट हो गई है। चना की फसल नष्ट हो चुकी है और आलू भी सड़ गया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि नुकसान का सर्वे कर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उनकी आर्थिक भरपाई हो सके।
मलवा विकासखंड के औंग, चौडगरा और मलवा सहित कई क्षेत्रों में तेज हवा और गरज-चमक के साथ हुई बारिश से गेहूं, चना, आलू, कुंदरु, लोबिया और लहसुन जैसी फसलें प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा, हाल ही में बोई गई उड़द और मूंग की फसल भी इस मौसम की मार से नहीं बच सकी। तेज हवा के कारण गेहूं की फसल गिर गई है, जिससे कटाई और मड़ाई का कार्य भी बाधित हो गया है।
अभयपुर ग्राम सभा के दरियापुर निवासी रतिपाल और पृथ्वी पाल निषाद ने बताया कि गिरी हुई फसलों में कालापन आने लगा है और सब्जियां भी खराब हो रही हैं। उन्होंने सरकार से जल्द सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि समय रहते राहत नहीं मिली तो उनका आर्थिक संकट और गहरा सकता है।


