लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) की महिला रेजिडेंट के यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयास के मामले में एसटीएफ ने विस्तृत गोपनीय जांच पूरी कर शासन को रिपोर्ट सौंप दी है। चौक थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना में एसटीएफ अब स्थानीय पुलिस के साथ सहयोग करेगी। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी डॉ. रमीज और उसके माता-पिता को पुलिस रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की तैयारी है। पूछताछ के दौरान एसटीएफ अधिकारी धर्मांतरण से जुड़े कथित गिरोह, संपर्कों और नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाएंगे।
चौक पुलिस ने जांच के तहत डॉ. रमीज के बैंक खातों की गहन छानबीन की है और कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी खंगाले गए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी कई महिलाओं से लगातार फोन पर संपर्क में था। पुलिस ने कुछ महिलाओं से संपर्क कर बयान भी दर्ज किए हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने और कितनी युवतियों का यौन शोषण किया। पुलिस का कहना है कि यदि कोई अन्य पीड़िता सामने आती है तो उसे जांच में शामिल किया जाएगा और शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। एसटीएफ ने मामले से जुड़े दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य रिकॉर्ड की जांच के बाद यह गोपनीय रिपोर्ट तैयार की है। रिमांड के दौरान पहले आरोपी और उसके माता-पिता से अलग-अलग पूछताछ होगी, फिर तथ्यों की पुष्टि के लिए तीनों का आमना-सामना कराया जाएगा।
मामले में आगरा कनेक्शन की भी जांच तेज कर दी गई है। एसटीएफ की एक टीम आगरा में डॉ. रमीज और डॉ. शाहीन के भाई परवेज के बीच संपर्कों की पड़ताल कर रही है। दोनों के बीच हुई बातचीत का विवरण निकाला गया है। खुफिया एजेंसियां परवेज के बरामद मोबाइल फोन की भी जांच कर रही हैं। मड़ियांव स्थित परवेज के घर से एटीएस को कीपैड वाले कई फोन मिले थे, जिनसे रमीज से संपर्क होने की संभावना की जांच की जा रही है। इसके अलावा आरोपी के घर से बरामद हार्ड डिस्क को भी दोबारा खंगाला जाएगा। एसटीएफ आगरा निवासी एक महिला डॉक्टर से पूछताछ की भी तैयारी कर रही है, ताकि मामले से जुड़े सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके।


