हैदराबाद
पिछले कुछ महीनों में ईशान किशन के करियर ने एक बड़ा उतार-चढ़ाव देखा है। एक समय ऐसा था जब वह भारतीय टीम से बाहर थे, उनका सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो चुका था और भविष्य अनिश्चित लग रहा था। लेकिन हालात तेजी से बदले और अब वही खिलाड़ी शानदार फॉर्म में लौटकर एक नई भूमिका में नजर आ रहे हैं।
उनकी वापसी की शुरुआत सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी से हुई, जहां किशन ने दो शतक जड़कर झारखंड क्रिकेट टीम को खिताब दिलाया। इसके बाद चयनकर्ताओं ने उन्हें फिर से मौका दिया और उन्होंने इसे दोनों हाथों से भुनाया। बड़े मैचों में उनके प्रदर्शन ने सभी का ध्यान खींचा और वह एक बार फिर राष्ट्रीय टीम के अहम खिलाड़ी बन गए।
आईपीएल 2025 के बाद से किशन की फॉर्म और भी निखरकर सामने आई है। उन्होंने 23 टी20 पारियों में 1049 रन बनाए, जिसमें उनका औसत 47.68 और स्ट्राइक-रेट 202.11 रहा। इस निरंतर प्रदर्शन ने उन्हें एक भरोसेमंद मैच-विनर के रूप में स्थापित कर दिया, जिससे टीम मैनेजमेंट का उन पर विश्वास और मजबूत हुआ।
इसी शानदार फॉर्म के चलते, जब पैट कमिंस चोट के कारण उपलब्ध नहीं थे, तो सनराइजर्स हैदराबाद ने किशन को अंतरिम कप्तान बनाने का फैसला किया। हेड कोच डेनियल विटोरी ने भी उनके नेतृत्व कौशल की तारीफ करते हुए कहा कि किशन ने पहले भी टीम में ऊर्जा और संतुलन लाने में अहम भूमिका निभाई है।
हालांकि, कमिंस की गैरमौजूदगी टीम के लिए एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि वह केवल कप्तान ही नहीं बल्कि मुख्य तेज़ गेंदबाज़ भी हैं। उनकी पीठ की चोट (स्ट्रेस फ्रैक्चर) से वापसी धीरे-धीरे हो रही है और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की निगरानी में उनका वर्कलोड बढ़ाया जा रहा है। उम्मीद है कि अगले 10-12 दिनों में उनकी वापसी को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक, सभी की नजरें ईशान किशन की कप्तानी पर टिकी रहेंगी, जो इस नए अध्याय में खुद को साबित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।


