– सोशल मीडिया के जरिए जुड़े थे गैंगस्टर से
हापुड़। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले दो युवकों को इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अजीम राणा और आजाद राजपूत के रूप में हुई है, जो सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान समर्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में थे।
एसपी केजी सिंह के मुताबिक, दोनों आरोपी दिल्ली और एनसीआर के कई संवेदनशील और धार्मिक स्थलों की फोटो, वीडियो और लोकेशन पाकिस्तान में बैठे हैंडलर को भेज रहे थे। इनमें दिल्ली का सनातन धर्म मंदिर, ग्रेटर नोएडा का रावण मंदिर और आसपास के इलाके शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए लगातार संपर्क में थे।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह नेटवर्क दिसंबर 2025 से सक्रिय था और कई बार वीडियो कॉल के माध्यम से भी बातचीत की गई। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनसे गहन पूछताछ जारी है।
पूछताछ में सामने आया कि अजीम राणा का संपर्क वर्ष 2025 में इंस्टाग्राम के जरिए शहजाद भट्टी से हुआ था। शुरुआत में सामान्य वीडियो साझा किए गए, लेकिन बाद में पैसों के लालच में आकर दोनों संवेदनशील जानकारियां साझा करने लगे। आजाद राजपूत, अजीम का रिश्तेदार (भांजा) बताया जा रहा है और दोनों मिलकर इस गतिविधि को अंजाम दे रहे थे।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपियों ने दिल्ली के रमेश नगर मेट्रो स्टेशन, आसपास के मंदिरों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी की थी। इसके अलावा नोएडा के बिसरख स्थित प्राचीन रावण मंदिर की लोकेशन और वीडियो भी 19 फरवरी 2026 को पाकिस्तान भेजे गए थे। आरोपियों के मोबाइल फोन से कई आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बरामद हुए हैं।
जांच में जिस शहजाद भट्टी का नाम सामने आया है, उसे पाकिस्तान का कुख्यात डॉन माना जाता है। बताया जा रहा है कि उसके संबंध अंडरवर्ल्ड और भूमाफिया नेटवर्क से जुड़े हैं। पाकिस्तान सरकार उस पर पहले पाबंदी भी लगा चुकी है, हालांकि वह लंबे समय तक विदेश में रहने के बाद 2025 में पाकिस्तान लौटा और फिर बाहर चला गया।
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, भट्टी का नेटवर्क सिर्फ पाकिस्तान तक सीमित नहीं है, बल्कि यूरोप, यूके, अमेरिका, कनाडा और दुबई तक फैला हुआ है। उस पर हथियारों की तस्करी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवैध गतिविधियों से जुड़े होने के भी आरोप हैं। फिलहाल भारतीय एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं।


