लखनऊ| समाजवादी पार्टी ने राज्य के आगामी MLC चुनावों के मद्देनजर अपनी उम्मीदवार सूची में आज दो और नाम जोड़े हैं, जिससे सपा की चुनाव रणनीति और प्रभावी होती दिख रही है। पार्टी ने बरेली-मुरादाबाद खंड से हाजी मोहम्मद को शिक्षक वर्ग की सीट के लिए अपना प्रत्याशी घोषित किया है, जबकि हाजी मोहम्मद दानिश अख्तर को भी शिक्षक वर्ग के अर्रे में उम्मीदवार बनाया गया है। साथ ही स्नातक वर्ग के MLC चुनाव के लिए आगरा खंड से शशांक यादव को भी सपा का प्रत्याशी घोषित किया गया है। इस घोषणा के साथ ही सपा ने both शिक्षक और स्नातक वर्ग के मैदान में अपने पत्ते खोल दिए हैं और अपने जमीनी संगठन को सक्रिय करने का काम शुरू कर दिया है।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि यह सूची क्षेत्रीय समीकरणों और संगठनात्मक क्षमता को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। हाजी मोहम्मद को बरेली-मुरादाबाद खंड से इसलिए चुना गया है क्योंकि पार्टी मानती है कि उनका स्थानीय जनाधार और शिक्षक समुदाय में स्वीकार्य छवि पार्टी को मजबूत समर्थन दिला सकती है। वहीं हाजी मो. दानिश अख्तर को सामाजिक समन्वय और युवा शिक्षकों के बीच स्वीकार्यता के कारण मैदान में उतारा गया है। आगरा खंड से शशांक यादव पर पार्टी ने स्नातक और युवा मतदाताओं के बीच जुड़े रहने की अपेक्षा व्यक्त की है; उनके आगे आने के पीछे स्थानीय छात्र राजनीति और स्नातक समुदाय में उनकी सक्रियता को निर्णायक कारण बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि MLC चुनाव में शिक्षक और स्नातक वर्ग की सीटें परंपरागत रूप से स्थानीय संगठनों और क्षेत्रीय समीकरणों का परिणाम होती हैं। ऐसे में सपा की यह घोषणा एक संकेत भी है कि पार्टी प्रदेश में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए समेकित रणनीति पर काम कर रही है। चुनावी माहौल में इन आंकड़ों के आगे अब अभियान रणनीति, प्रत्याशियों के जनसंपर्क और स्थानीय नेताओं के साथ समन्वय को प्रमुखता मिलेगी। सपा के युवा-आधारित और समुदायिक समीकरणों पर टिका यह अभियान अगले कुछ सप्ताह में और तेज होगा, जब प्रत्याशी गांव-गली जाकर संगठनात्मक मजबूती को परखेंगे और मतदाताओं से सीधे संवाद करेंगे।
कांग्रेस, भाजपा व अन्य स्थानीय दलों की प्रतिक्रिया और संभव गठबंधन इस प्रक्रिया को और दिलचस्प बनाएंगे। चुनाव आयोग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के तहत अब सबकी निगाहें नामांकन, प्रचार और उम्मीदवारों के रोस्टर पर टिकी रहेंगी।





