– सपा कार्यालय के बाहर लगी अनोखी होर्डिंग ने मचाई सनसनी, ट्रेन के इंजन पर सवार दिखे अखिलेश यादव — 2027 चुनाव से पहले सियासी गर्मी तेज
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने ‘डबल इंजन की सरकार’ के जवाब में ‘प्रबल इंजन की सरकार’ का नया राजनीतिक नारा गढ़कर सियासी हलचल बढ़ा दी है।
सपा कार्यालय के बाहर लगी यह अनोखी और चर्चित होर्डिंग अब पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
होर्डिंग में अखिलेश यादव को ट्रेन के इंजन को चलाते हुए दिखाया गया है, जबकि पीछे के डिब्बों पर सपा सरकार के दौरान लागू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं का ज़िक्र है।
जैसे — लोहिया आवास योजना, समाजवादी पेंशन, लैपटॉप वितरण, 108 और 102 एंबुलेंस सेवा, कन्या विद्याधन और डायल 100 जैसी योजनाएं।
सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह संदेश भाजपा पर एक राजनीतिक व्यंग्य और जवाब है, जो लंबे समय से ‘डबल इंजन की सरकार’ का नारा देती रही है।
कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि
> “अब उत्तर प्रदेश को दो नहीं, एक प्रबल इंजन की जरूरत है — और वो है अखिलेश यादव।”
सपा कार्यकर्ता आदित्य वर्मा ने कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में विकास की जो रफ्तार 2012 से 2017 के बीच चली थी,
वही ‘प्रबल इंजन’ अब 2027 में फिर से पटरी पर दौड़ेगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार केवल विज्ञापनों और नारों में तेज है,
जबकि सपा का प्रबल इंजन जमीन पर विकास करने वाला इंजन है।
इस होर्डिंग के लगते ही लखनऊ की सियासत में गर्मी बढ़ गई है।
भाजपा प्रवक्ता ने इसे सपा की “राजनीतिक हताशा” बताया और कहा कि जनता नारों से नहीं, परिणामों से प्रभावित होती है।
वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह नारा सपा की चुनावी रणनीति की झलक देता है, जिसमें अखिलेश यादव खुद को “मुख्य इंजन” के रूप में पेश करना चाहते हैं।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे शुरू हो चुकी हैं।ऐसे में सपा की यह ‘प्रबल इंजन’ की ब्रांडिंग चुनावी माहौल को पहले ही गरमा रही है






