लखनऊ| डॉ. भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर 6 दिसंबर को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में प्रस्तावित कार्यक्रम को अनुमति न मिलने पर समाजवादी पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है। सपा ने इसे अलोकतांत्रिक कदम और बाबा साहब के प्रति दुर्भावनापूर्ण रवैया बताया है।
प्रदेश सपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद आर.के. चौधरी ने कहा कि इस कार्यक्रम में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव शामिल होने वाले थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने भाजपा सरकार के दबाव में कार्यक्रम रद्द करने की सूचना दी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सिर्फ वोट के लिए बाबा साहब का नाम लेती है, जबकि सपा समाज में समानता और सम्मान की लड़ाई को आगे बढ़ा रही है। आर.के. चौधरी ने कहा कि कार्यक्रम निरस्त होने के बावजूद सपा कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर हर जगह परिनिर्वाण दिवस मनाएंगे।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने कहा कि श्रद्धांजलि सभा को रद्द करना इस बात का प्रमाण है कि भाजपा बाबा साहब से नफरत करती है। उन्होंने कहा कि संविधान वंचितों, पिछड़ों और गरीबों का सबसे बड़ा हथियार है, और सपा उसके संरक्षण के लिए संघर्ष करती रहेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी, समाजवादी बाबा साहब अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिठाई लाल भारती और महासचिव राम बाबू सुदर्शन भी मौजूद रहे।






