पूर्व विधायक कायमगंज लुईस खुर्शीद सहित धरना स्थल पर पहुंचे प्रमुख सप नेता
फर्रुखाबाद: शमशाबाद क्षेत्र में समाजवादी पार्टी (SP) के वरिष्ठ नेताओं ने गंगा की तबाही (Destruction of Ganga) से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं सुनीं और तटबंध की मांग को लेकर धरने पर बैठे लोगों का समर्थन किया। इस दौरान समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव, डॉ. जितेंद्र सिंह यादव, पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत, पूर्व विधायक अजीत कठेरिया,कांग्रेस की पूर्व विधायक कायमगंज लुईस खुर्शीद सहित तमाम समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि हर साल बाढ़ से हजारों परिवार तबाही झेलते हैं, लेकिन सरकार मौन बनी हुई है।बसोला से पांचाल घाट तक मजबूत तटबंध बनाना की सबसे बड़ी जरूरत है।अगर गंगा एक्सप्रेसवे का मार्ग इस क्षेत्र से होकर गुजरा होता तो यह बाढ़ की समस्या जीवनभर के लिए समाप्त हो जाती।परंतु भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधियों ने जनता की समस्याओं को पूरी तरह नज़रअंदाज़ किया है। परिणाम स्वरूप जनता सुधरने पर बैठने के लिए मजबूर है समाजवादी पार्टी धरने का पूर्ण समर्थन करती है।
सपा के प्रदेश सचिव नडॉ. जितेंद्र सिंह यादव ने कहा कि जनता बुरी तरह परेशान है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी को जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है।वे सिर्फ वोट बैंक की राजनीति में उलझी हैं और जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का काम कर रही हैं। गांव-गांव की बुनियादी समस्याओं में आज तक कोई सुधार नहीं हुआ है। पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत ने यह बांध जनता की जरूरत से जुड़ा हुआ है।जनता बाढ़ और तबाही से त्रस्त है, इसलिए भारतीय जनता पार्टी सरकार को तत्काल इसका स्थायी निस्तारण करना चाहिए।
पूर्व विधायक अजीत कठेरिया ने कहा कि क्षेत्र की जनता हर साल बाढ़ से भारी नुकसान झेलती है। सरवन का निर्माण पूर्ण होना ही चाहिए। धरना स्थल पर राजपाल यादव एडवोकेट, युवजन सभा के उपाध्यक्ष अभिषेक शाक्य प्रधान, बाबा साहब वाहिनी जिलाध्यक्ष अमन सूर्यवंशी, लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष अनुराग यादव, राष्ट्रीय सदस्य छात्र सभा अखिल कठेरिया, शिवशंकर शर्मा, सीलू खान, विकास मंच के भइयन मिश्रा,सोमेंद्र यादव विधान सभा अध्यक्ष कायमगंज,सह मीडिया प्रभारी वीकेश यादव सहित अन्य समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।


