संभल
समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने लखनऊ में लगाए गए विवादित पोस्टरों को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। इन पोस्टरों में ‘धुरंधर’ फिल्म के नाम पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल को ‘ल्यारी राज’ बताकर प्रस्तुत किया गया है, जिसे बर्क ने एक सोची-समझी साजिश करार दिया।
बुधवार को थाना नखासा क्षेत्र स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए बर्क ने कहा कि इस तरह के पोस्टर युवाओं को गुमराह करने और सपा नेतृत्व की छवि खराब करने की कोशिश हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह की हरकतों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सांसद बर्क ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि समाजवादी पार्टी ने भी इसी तरह जवाब देना शुरू किया, तो भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का सार्वजनिक रूप से निकलना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध स्वीकार्य है, लेकिन किसी की छवि खराब करना गलत है और यह सामाजिक माहौल को भी बिगाड़ सकता है।
उन्होंने समाज में भाईचारे को बनाए रखने पर भी जोर दिया और कहा कि इस तरह के पोस्टर समाज को बांटने का काम करते हैं। बर्क ने यह भी कहा कि समाजवादियों के पास भी ऐसे कई मुद्दे हैं जिनसे भाजपा को घेरा जा सकता है, लेकिन पार्टी संयम के साथ आगे बढ़ रही है।
राजधानी लखनऊ में कई प्रमुख चौराहों और खासकर मुख्यमंत्री आवास के आसपास ये पोस्टर लगाए गए हैं। इनमें एक तरफ सपा शासनकाल पर निशाना साधा गया है, तो दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘धुरंधर’ बताकर मौजूदा सरकार की सख्ती को दिखाने की कोशिश की गई है। यह पोस्टर अभियान “Youth Against Mafia” के नाम से चलाया जा रहा है।
इन पोस्टरों में मुजफ्फरनगर, मेरठ और शामली जैसे दंगों का जिक्र कर सपा को घेरने की कोशिश की गई है। साथ ही, माफिया के खिलाफ कार्रवाई को दिखाने के लिए कुख्यात अपराधियों जैसे अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी और मुकीम काला से जुड़ी खबरों को भी प्रमुखता से पोस्टरों में शामिल किया गया है।


