–गढ़िया रंगीन पुलिस ने पीड़ित को ही बना दिया आरोपी
शाहजहांपुर। थाना गढ़िया रंगीन क्षेत्र के एक गांव में मारपीट की घटना ने तूल पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य व जिला पंचायत सदस्य नीरज मिश्रा के नेतृत्व वरिष्ठ नेता पिंटू तिवारी व जीवेंद्र वाजपेई ने पीड़ित परिवार की आवाज उठाते हुए पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच की मांग की है। सोमवार को नीरज मिश्रा के नेतृत्व में सपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल गांव पहुंचा था और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली थी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि खेत में गेहूं की कटाई के दौरान दबंगों ने अवधेश मिश्रा को घेरकर बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका पैर फ्रैक्चर हो गया। बताया गया कि घटना के बाद सपा नेताओं ने थाने पहुंचकर पुलिस से वार्ता भी की, लेकिन कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद गढ़िया रंगीन निवासी विशु पुत्र अवधेश मिश्रा अपने परिजनों व वरिष्ठ पत्रकार भगवान शरण शर्मा के साथ नीरज मिश्रा के आवास पहुंचे और लिखित प्रार्थना पत्र देकर पूरी घटना से अवगत कराया। पीड़ित के अनुसार, गांव के ही नन्हें उर्फ आतंकी, मुलायम, राम व अजय पुत्र गोपाल ने रंजिशन उनके पिता पर हमला किया। आरोप है कि घटना की तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं किया और कई बार तहरीर बदलवाई। बाद में 5 अप्रैल 2026 को संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि इसके कुछ ही समय बाद पुलिस ने दबाव में आकर उनके खिलाफ ही एक झूठा क्रॉस मुकदमा दर्ज कर दिया, जिसका घटना से कोई संबंध नहीं है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई समझौते के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से की गई है और थाना स्तर पर न्याय की उम्मीद खत्म हो चुकी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए नीरज मिश्रा समेत अन्य सपा नेताओं ने नवागत पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित से मुलाकात कर पूरे प्रकरण से अवगत कराया। उन्होंने मांग की कि दोनों मुकदमों की जांच किसी उच्च अधिकारी या अन्य थाने से कराई जाए, ताकि निष्पक्षता बनी रहे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके। इस पर पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान सपा नेता प्रदीप तिवारी ‘पिंटू’, जीवेन्द्र बाजपेई, भगवान शरण शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


