फर्रुखाबाद| एसपी कार्यालय के अंदर ही भ्रष्टाचार का ऐसा चेहरा सामने आया जिसने पुलिस महकमे की साख पर सीधा प्रहार किया है। यहां तैनात लिपिक हरेंद्र चौहान, जो अकाउंटेंट द्वितीय के पद पर कार्यरत है, को विजिलेंस की टीम ने 14 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह रिश्वत उसने सिपाही आदित्य कुमार से मांगी थी।
सूत्रों के अनुसार चौहान काफी समय से अपनी तैनाती का गलत फायदा उठाकर अवैध वसूली में लगा था। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विजिलेंस ने जाल बिछाया। जैसे ही चौहान ने रुपये स्वीकार किए, टीम ने तत्काल उसे धर दबोचा।
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस अधिकारी उसे अपने साथ पूछताछ के लिए ले गए हैं। उससे यह जानने के लिए कड़ी पूछताछ की जा रही है कि वह किसके संरक्षण में यह घूसखोरी चला रहा था और क्या इसमें अन्य कर्मचारियों की भी मिलीभगत शामिल है। एसपी कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण सरकारी दफ्तर में इस तरह का भ्रष्टाचार सामने आना बेहद गंभीर मामला माना जा रहा है।





