लखनऊ। आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर समाजवादी पार्टी ने संगठन को मजबूत करने और अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त रुख अपनाया है। राजधानी लखनऊ में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि कोई भी नेता टिकट दिलाने का ठेका न ले, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में सपा महानगर और ग्रामीण क्षेत्रों के जिलाध्यक्षों के साथ-साथ विधानसभा अध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों को भी बुलाया गया था। इस दौरान अखिलेश यादव ने साफ शब्दों में कहा कि यदि किसी जिलाध्यक्ष को स्वयं चुनाव लड़ना है, तो वह पहले अपने पद से इस्तीफा दे और पार्टी नेतृत्व को इसकी जानकारी दे। बिना अनुमति खुद को प्रत्याशी घोषित करने की प्रवृत्ति को उन्होंने अनुशासनहीनता करार दिया।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि कोई भी पदाधिकारी सार्वजनिक मंच या सोशल मीडिया पर किसी विधायक, नेता या संगठन के सदस्य के खिलाफ बयानबाजी न करे। ऐसा करने से पार्टी की छवि खराब होती है। यदि किसी को किसी नेता से शिकायत है, तो वह सीधे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को लिखित रूप में अवगत कराए, जिस पर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। अखिलेश यादव ने कहा कि आगामी चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना बेहद जरूरी है। इसके लिए प्रत्येक पदाधिकारी को अपने-अपने क्षेत्र में जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।
इसके अलावा, टिकट वितरण को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए। जिलाध्यक्ष के अलावा कोई भी पदाधिकारी किसी को टिकट देने का वादा न करे। पार्टी नेतृत्व ही तय करेगा कि किसे प्रत्याशी बनाया जाएगा।


